
भारत में पौधे अब सिर्फ गार्डनिंग का हिस्सा नहीं रहे, बल्कि लक्जरी और स्टेटस सिंबल बनते जा रहे हैं। जिस देश में तुलसी हर आंगन में और नीम को औषधीय पेड़ माना जाता है, वहीं अब कुछ लोग रेयर और सुपर एक्सपेंसिव पौधों को आर्ट पीस की तरह कलेक्ट कर रहे हैं। इन पौधों की कीमत उनकी उम्र, दुर्लभता, शेप और खूबसूरती पर निर्भर करती है। कुछ पौधे इतने महंगे हैं कि उनकी कीमत में कार तक खरीदी जा सकती है। आइए जानते हैं भारत के 7 सबसे महंगे पौधों के बारे में, जो लग्जरी होम और एलाइट कलेक्शन की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
अगर कोई पौधा लिविंग स्कल्पचर (Living Sculpture) कहलाने लायक है, तो वह फाइकस बोनसाई है। कई फाइकस बोनसाई 80 से 100 साल पुराने होते हैं और इन्हें दशकों तक शेप दिया जाता है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में बोनसाई कलेक्टर इन्हें काफी महंगी कीमत पर खरीदते हैं। एक मैच्योर और अच्छी तरह ट्रेंन्ड बोनसाई की कीमत 15 लाख से 25 लाख रुपए तक पहुंच सकती है। इसकी सिमेटरी और ऐज ही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है।
और पढ़ें - Bonsai Plants: इनडोर बोनसाई प्लांट, कम पैसों में करें लग्जरी होम डेकोर
नीलकुरिंजी भारत के सबसे rare पौधों में से एक माना जाता है। यह खास पौधा हर 12 साल में सिर्फ एक बार खिलता है, इसलिए इसकी रेयरिटी इसे बेहद खास बनाती है। पश्चिमी घाट (Western Ghats) में पाया जाने वाला यह पौधा आम नर्सरी में नहीं मिलता। वैरीफाइड सीडलिंग या सीड की कीमत 50 हजार रुपए तक हो सकती है। इसकी रेयरिटी और मिस्टिक अपील इसे कलेक्टर्स के बीच पॉपुलर बनाती है।
आजकल इंस्टाग्राम और लग्जरी इंटीरियर डेकोर की दुनिया में वेरीगेटेड मॉन्स्टेरा एक स्टेटस सिंबल बन चुका है। इसकी सफेद-हरी मार्बल वाली पत्तियां इसे बाकी इनडोर प्लांट्स से अलग बनाती हैं। यह पौधा बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है और हर पत्ती का पैटर्न अलग होता है। भारत में इम्पोर्टेड कटिंग की कीमत 5 हजार से 25 हजार रुपए या उससे ज्यादा हो सकती है।
और पढ़ें - Garden Swing Ideas: गार्डन के लिए 5 झूला डिजाइन, कम बजट में घर को दें रिच लुक
अगर आप बोनसाई प्रेमियों की दुनिया देखें, तो जिनसेंग फिकस बेहद प्रीमियम माना जाता है। इसकी जड़ों को सालों तक इस तरह ट्रेन किया जाता है कि ऐसे लगे जैसे जड़ों वाले पत्थर को पकड़ रही हों। इसे ताकत और लंबी उम्र का प्रतीक माना जाता है। कॉर्पोरेट ऑफिस और वास्तु फॉलोवर्स के बीच यह काफी फेमस है। इसकी कीमत 3 लाख से 12 लाख रुपए तक हो सकती है।
लाल चंदन भारत की सबसे मूल्यवान लकड़ी की प्रजाति में से एक है। यह लकड़ी पर आंध्र प्रदेश में पाया जाता है और इसकी खेती सरकार की निगरानी में होती है। हालांकि यह आम बगीचे का पौधा नहीं माना जाता, लेकिन इसकी लकड़ी की कीमत लाखों में हो सकती है। यही वजह है कि इसे दीर्घकालिक हरित निवेश भी माना जाता है।
एडेनियम, जिसे डेजर्ट रोज भी कहा जाता है, अपने मोटे बेस और खूबसूरत फूलों के लिए जाना जाता है। खासकर थाई वैरायटी और मल्टी-ग्राफ्ट एडेनियम बोनसाई काफी महंगे होते हैं। गार्डन एग्जीबिशन में ये पौधे अक्सर कलेक्टरों का ध्यान खींचते हैं। इसकी कीमत 50 हजार से 3 लाख रुपए तक हो सकती है।
दुर्लभ इनडोर पत्ते प्रेमियों के बीच सिल्वर ब्लश एन्थ्यूरियम की काफी मांग है। इसकी गहरी हरी मखमली पत्तियां और चांदी जैसी नसें बेहद प्रीमियम लुक देती हैं। डिसीज फ्री और हेल्दी प्लांट की कीमत 20 हजार से 80 हजार रुपये तक हो सकती है। लग्जरी घरों में इसकी सजावट फोकल प्वाइंट की तरह रखी जाती है।
इन पौधों की कीमत सिर्फ उनकी खूबसूरती से तय नहीं होती, बल्कि दुर्लभता, उम्र, ग्रोथ की गति और रखरखाव में भी इसमें बड़ा रोल होता है। कुछ पौधे दशकों तक ट्रेन किए जाते हैं, जबकि कुछ दुर्लभ प्रजातियां बहुत कम मिलती हैं। यही वजह है कि आज भारत में महंगे पौधे सिर्फ बागवानी नहीं, बल्कि लग्जरी लाइफस्टाइल और इनवेस्टमेंट का हिस्सा बनते जा रहे हैं।
Gardening Tips & Ideas in Hindi: Discover expert gardening tips, plant care guides, home garden ideas, seasonal plants, balcony gardening, and easy DIY methods to grow a healthy, beautiful garden. Stay updated on Asianet News Hindi.