
प्याज के छिलकों को कूड़े में फेंकने के बजाय आप इनसे पौधों के लिए घर पर बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद तैयार कर सकते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व मिट्टी की क्वालिटी सुधारने और पौधों की ग्रोथ में मदद कर सकते हैं। जानें प्याज के छिलके की खाद बनाने का आसान तरीका और किन पौधों को इससे सबसे ज्यादा फायदा हो सकता है।
सबसे पहले 2-3 प्याज के साफ छिलके लें और उन्हें अच्छी तरह धोकर सुखा लें। अब इन्हें छोटे टुकड़ों में काटकर एक लीटर पानी में डालें। इस मिश्रण को 24-48 घंटे ढककर रखें। इसके बाद पानी को छान लें। तैयार घोल को पौधों की मिट्टी में डालने से पहले बराबर मात्रा में साफ पानी मिलाकर पतला कर लें।
प्याज के छिलकों को धूप में पूरी तरह सुखाकर बारीक पीस लें। इस पाउडर को थोड़ी मात्रा में पौधे की ऊपरी मिट्टी में मिला सकते हैं। इसके बाद हल्की सिंचाई करें। सूखे छिलकों का यूज करते समय मात्रा ज्यादा न रखें, वरना मिट्टी में ऑर्गेनिक चीजों के सड़ने से समस्या हो सकती है।
गुलाब, गुड़हल, गेंदा और चमेली जैसे फूल वाले पौधों में प्याज के छिलके का पतला घोल कभी-कभार यूज किया जा सकता है। यह मिट्टी में कुछ पोषण और ऑर्गेनिक चीज जोड़ता है। रोजाना देखभाल, पर्याप्त धूप और सही पानी के साथ इसका यूज पौधों की बेहतर ग्रोथ में मदद कर सकता है।
इसे भी पढ़ें- मानसून में रबर प्लांट की ये गलती पड़ सकती है भारी, सूखने लगेगा हरा-भरा पौधा!
टमाटर, मिर्च, धनिया, पुदीना और तुलसी जैसे पौधों में भी पतला प्याज-छिलके का घोल यूज किया जा सकता है। इसे सीधे पत्तियों पर डालने के बजाय मिट्टी में डालना बेहतर है। छोटी मात्रा से शुरुआत करें और पौधे की प्रोसेस देखकर खाद के इस्तेमाल की मात्रा तय करें।
प्याज के छिलके की खाद को पौधों के लिए मेन खाद का ऑप्शन न मानें। घोल हमेशा पतला करके यूज करें और बहुत अधिक मात्रा में न डालें। फफूंद, बदबू या कीड़े नजर आएं तो इसका यूज न करें। इसे कीटनाशक के रूप में भी इसे सॉल्युशन की तरह यूज नहीं करना चाहिए।
इसे भी पढ़ें- Raat Rani Plant Growing Tips: गमले में भी आसानी से उगेगी रातरानी, जानें घर पर पौधा लगाने और तेजी से बढ़ाने का तरीका
Gardening Tips & Ideas in Hindi: Discover expert gardening tips, plant care guides, home garden ideas, seasonal plants, balcony gardening, and easy DIY methods to grow a healthy, beautiful garden. Stay updated on Asianet News Hindi.