Winter plant care: सर्दियों की शुरुआत से पहले गार्डन की करें खास तैयारी। जानें पौधों की सूखी पत्तियां हटाने, मिट्टी तैयार करने, विंटर प्लांट लगाने और पानी देने से जुड़े 4 जरूरी काम।
अक्टूबर के महीने से मौसम में बदलाव शुरू हो जाता है। इस समय गार्डन में कुछ बदलाव जरूरी होते हैं। मौसम बदलने के साथ तापमान कम होने लगता है, जिसका असर पौधों की ग्रोथ पर भी पड़ सकता है। अगर आप चाहती हैं कि ठंड के मौसम में भी आपके गार्डन में हरियाली बनी रहे तो गार्डन की तैयारी से जुड़े 4 आसान काम जरूर करें।
पौधों की सूखी पत्तियां और टहनियां हटाएं
सर्दियों की शुरुआत से पहले गार्डन की अच्छी तरह सफाई करें। पौधों में लगी सूखी, पीली या खराब पत्तियों को हटा दें। जमीन पर गिरी पत्तियों और सूखी टहनियों को भी साफ करें। इससे गार्डन साफ-सुथरा रहेगा और पौधों के आसपास हवा का संचार बेहतर बना रहेगा। अगर किसी पौधे की शाखाएं सूख गई हैं, तो उन्हें भी साफ कैंची से काटा जा सकता है।
मिट्टी को करें तैयार
ठंड का मौसम शुरू होने से पहले गमलों और क्यारियों की मिट्टी को थोड़ा ढीला कर लें। लगातार पानी देने से मिट्टी कई बार सख्त हो जाती है, जिससे जड़ों तक हवा और पानी ठीक से नहीं पहुंच पाता। मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद या कंपोस्ट मिलाने से उसकी गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है। हालांकि खाद की मात्रा पौधे की जरूरत के अनुसार ही रखें।
सर्दियों के पौधे लगाने की तैयारी करें
अगर आप विंटर गार्डन बनाना चाहती हैं, तो यह सर्दियों की सब्जियां और फूल लगाने की तैयारी का सही समय है। गमलों में मिट्टी और खाद तैयार करके रखें और पौधे या बीज लगाने से पहले उनकी जरूरत के अनुसार जगह तय करें। पालक, मेथी, धनिया, मटर जैसी कुछ सब्जियां मौसम के अनुसार उगाई जा सकती हैं। फूलों के लिए भी सर्दियों में खिलने वाले पौधों का चुनाव किया जा सकता है।
पानी देने का तरीका बदलें
मौसम ठंडा होने के साथ पौधों की पानी की जरूरत भी बदल सकती है। इसलिए पहले की तरह रोजाना ज्यादा पानी देने के बजाय मिट्टी की नमी देखकर सिंचाई करें। गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी लगे तभी जरूरत के अनुसार पानी दें। बहुत ज्यादा पानी देने से गमले में पानी जमा हो सकता है, जिससे जड़ों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। सुबह के समय पानी देना बेहतर माना जाता है, ताकि दिन में अतिरिक्त नमी सूख सके।
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