
Stress Free Life Tips: आज दुनिया में हर कोई लंबी, स्वस्थ और खुशहाल जिंदगी जीना चाहता है। लेकिन इसके लिए सिर्फ सप्लीमेंट्स, सख्त डाइट या जोरदार एक्सरसाइज़ ही काफी नहीं हैं। सबसे जरूरी हैं आपकी छोटी-छोटी रोजाना की आदतें। दुनिया भर में जो लोग 100 साल या उससे ज्यादा जीते हैं, उनमें एक बात कॉमन है, वे बहुत ज्यादा सख्त डाइट फॉलो नहीं करते या ज़ोरदार एक्सरसाइज नहीं करते। उनकी लंबी उम्र का राज उनकी छोटी-छोटी हफ्ते की आदतों में छिपा है।
जो लोग लंबी जिंदगी जीते हैं, वे एक सिंपल हफ्ते का रूटीन फॉलो करते हैं। कुछ दिन काम के लिए होते हैं, कुछ आराम के लिए, और कम से कम एक दिन धीमे होने के लिए होता है। इससे बार-बार फैसले लेने का स्ट्रेस कम होता है और मन शांत रहता है। अमेरिकन जर्नल ऑफ़ लाइफस्टाइल मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के अनुसार, एक तय रूटीन हार्मोन्स, खासकर कोर्टिसोल को बैलेंस करता है, जो दिल और दिमाग की सेहत के लिए फायदेमंद है।
जो लोग 100 साल से ज्यादा जीते हैं, वे जरूर पैदल चलते हैं, लेकिन स्टेप काउंट या फिटनेस टारगेट के लिए नहीं, बल्कि अपनी रोजाना की एक्टिविटीज़ के लिए। वे बाजार जाने, दोस्तों से मिलने या आस-पास घूमने के लिए पैदल चलते हैं। इससे वे लगातार चलते-फिरते रहते हैं। इस तरह पैदल चलने से शरीर का बैलेंस बेहतर होता है, डाइजेशन में मदद मिलती है, और जोड़ों पर ज्यादा जोर डाले बिना मूड अच्छा होता है।
जो लोग लंबी जिंदगी जीते हैं, उनमें यह आम बात है कि वे हफ्ते में कम से कम एक दिन बहुत सादा, घर का बना खाना खाते हैं। ऐसा खाना मौसमी होता है और ज्यादा तला-भुना या प्रोसेस्ड नहीं होता। इससे डाइजेस्टिव सिस्टम को आराम मिलता है और शरीर को ज्यादा नमक, चीनी और जंक फूड से ब्रेक मिलता है। रिसर्च से यह भी पता चलता है कि सादा खाना पेट को स्वस्थ रखता है और सूजन कम करता है।
जो लोग लंबी जिंदगी जीते हैं, वे खुद को सिर्फ फोन या सोशल मीडिया पर बात करने तक सीमित नहीं रखते। वे हफ्ते में एक या दो दिन किसी से आमने-सामने मिलते हैं, जैसे पड़ोसी, भाई-बहन या छोटे ग्रुप से। एक अच्छा सोशल सर्कल दिमाग को तेज रखता है, अकेलापन कम करता है, और दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद है।
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जो लोग 100 साल के होते हैं, वे हफ्ते में कम से कम एक घंटा अंदरूनी शांति पाने के लिए देते हैं। कुछ प्रार्थना करते हैं, कुछ लिखते हैं, और कुछ बस शांति से बैठते हैं। इससे मन शांत होता है और स्ट्रेस कम होता है। रिसर्च से पता चलता है कि मानसिक शांति उम्र से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम करती है।
जो लोग लंबी जिंदगी जीते हैं, वे हर हफ्ते दूसरों की मदद करने के लिए कुछ न कुछ करते हैं, जैसे परिवार के कामों में मदद करना, बच्चों को कुछ सिखाना, या वॉलंटियर का काम करना। इससे उन्हें मकसद का एहसास होता है, उन्हें अच्छा महसूस होता है, और अकेलापन दूर होता है। यह उम्र से जुड़ी बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
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