102 साल की 'ओल्ड बेबी', 50 साल से नहीं गईं अस्पताल! ये है लंबी उम्र का राज

Published : Mar 14, 2026, 04:46 PM IST
102 साल की 'ओल्ड बेबी', 50 साल से नहीं गईं अस्पताल! ये है लंबी उम्र का राज

सार

चीन की 102 वर्षीय जिन बाओलिंग अपनी सकारात्मक सोच से स्वस्थ हैं। 50 साल से अस्पताल नहीं गईं, वह दिन में 15 घंटे सोती हैं और रोज पोर्क खाती हैं। उनकी अच्छी सेहत का राज उनकी सरल, खुशहाल जीवनशैली है।

पूर्वी चीन की एक 102 साल की दादी अपनी पॉजिटिव सोच और सिंपल लाइफस्टाइल की वजह से सुर्खियों में हैं। 102 की उम्र में भी वो जिस तरह से एकदम फिट और खुशहाल जिंदगी जी रही हैं, वो कई लोगों को हैरान कर रहा है। इन दादी का नाम है जिन बाओलिंग, जो झेजियांग प्रांत के ताइझोउ शहर के एक गांव में रहती हैं।

50 साल में एक बार भी अस्पताल नहीं गईं दादी

जिन बाओलिंग की लंबी उम्र और खुशमिजाज स्वभाव के कारण गांव वाले उन्हें प्यार से "ओल्ड बेबी" बुलाते हैं। ताइझोउ इवनिंग न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, वह दिमागी और शारीरिक तौर पर पूरी तरह से स्वस्थ हैं। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि पिछले 50 सालों में उन्हें एक बार भी अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ी।

102 साल की दादी की रुटीन लाइफ

जिन का डेली रूटीन बहुत ही सिंपल और शांत है। वह सुबह 9 बजे के करीब उठती हैं, हाथ-मुंह धोने के बाद अपने बगीचे में बैठकर धूप का मजा लेती हैं।दिन में वह कई बार छोटी-छोटी झपकियां लेती हैं। आमतौर पर वह रात 7 बजे तक सो जाती हैं। उनके बेटे हू हुआमेई बताते हैं कि उनकी मां एक दिन में 15 घंटे तक सो लेती हैं। जिन अपनी डाइट का बहुत ध्यान रखती हैं। नाश्ते में उन्हें डंपलिंग्स, बन्स या वॉन्टन्स खाना सबसे ज्यादा पसंद है। लंच और डिनर में वह मुख्य रूप से एक बड़ा कटोरा भरकर नूडल्स या चावल खाती हैं।

बेहद स्पेशल है दादी की डाइट

  • उनकी डाइट में मांस की खास जगह है। उन्हें पोर्क (सुअर का मांस) बहुत पसंद है और वह इसे रोज खाती हैं। हर बार खाने में वह लगभग आधा पाउंड (दो से तीन टुकड़े) पोर्क खाती हैं। मुख्य भोजन के अलावा, जिन केक और ब्रेड जैसे स्नैक्स का भी मजा लेती हैं। वह ब्राउन शुगर और खजूर वाली चाय पीती हैं। इसके अलावा, वह रोज अपनी डाइट में तीन संतरे और दो अंडे जरूर शामिल करती हैं। जिन हर खाने के साथ थोड़ी सी वाइन भी पीती हैं।
  • हालांकि घुटनों में अकड़न की वजह से उन्हें चलने के लिए सहारे की जरूरत पड़ती है, लेकिन जिन की आंखों की रोशनी और हाथों की ताकत अब भी बेहतरीन है। वह आज भी अपने मोजे खुद सिलती हैं और चप्पलों के सोल भी खुद ही ठीक कर लेती हैं।

दादी के बेटों ने बताया अच्छी सेहत का राज

  • दादी के बेटे का कहना है कि मां की अच्छी सेहत का सबसे बड़ा राज उनकी पॉजिटिव सोच है। उन्होंने बताया कि उनकी मां कभी किसी से झगड़ा नहीं करतीं और जिंदगी की किसी भी परेशानी से बहुत जल्दी उबर जाती हैं।
  • अपनी पूरी जिंदगी एक आम घरेलू महिला के तौर पर गुजारने वाली जिन, परिवार में प्यार और एकता को सबसे ज्यादा महत्व देती हैं। उनकी सबसे बड़ी इच्छा यही है कि उनका परिवार हमेशा शांति और खुशी से रहे।

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