
हेल्थ डेस्क: प्रेग्नेंसी हर महिला के जीवन का सबसे खास पल होता है क्योंकि इसमें 2 लोगों का जन्म होता है। एक बच्चे और एक नई मां का जन्म होता है। यह वो समय होता है जब महिला के गर्भ में एक नया जीवन पल रहा होता है। पूरे परिवार के लिए ये एक स्पेशल और सेंसटिव समय होता है, जिसमें महिला को अपने साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की हेल्थ का विशेष ध्यान रखना होता है। प्रेग्नेंसी आमतौर पर लगभग 40 हफ्तों की होती है और इसके तीन ट्राइमेस्टर होते हैं। 9 महीनों को तीन ट्राइमेस्टर में बांटा जाता है इसr दौरान गर्भ में भ्रूण का विकास शुरू होता है। हालांकि प्रेग्नेंसी के दौरान कई महिलाएं ये 8 कॉमन मिस्टेक करना शुरू कर देती हैं। जानें कौनसी हैं ये गलतियां।
प्रीनेटल विटामिन न लेना: फोलिक एसिड और आयरन जैसे आवश्यक पोषक तत्व न लेना। प्रीनेटल विटामिन वे स्पेशल विटामिन और मिनरल का मिश्रण होते हैं, जो गर्भावस्था के दौरान मां और गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इनमें फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, विटामिन डी, और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व शामिल होते हैं।
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धूम्रपान या शराब पीना: भ्रूण को हानिकारक पदार्थों के संपर्क में लाना जानलेवा हो सकता है। धूम्रपान और शराब का सेवन पूरी तरह से बंद कर दें। ये भ्रूण के विकास में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं, जैसे कि जन्मजात विकृतियां और गर्भपात।
प्रसवपूर्व जांच में शामिल न होना: हर एक गर्भवती महिला को लिए मेडिकेशन जरूरी है। क्योंकि महत्वपूर्ण स्वास्थ्य निगरानी और मार्गदर्शन से चूकना उसकी जान के लिए खतरा बन सकता है।
कच्चा या अधपका मांस खाना: अगर आप अपने खाने में कच्चा या अधपका मांस खाते हैं तो टोक्सोप्लाजमोसिस जैसी फूड जनित बीमारियों का जोखिम उठा सकते हैं।
हाइड्रेटेड न रहना: पर्याप्त पानी न पीना से आपकी बॉडी डिहाइड्रेट हो सकती है। चाय, कॉफी, और अन्य कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करें। अत्यधिक कैफीन का सेवन गर्भस्थ शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है।
भारी वस्तुएं उठाना: पीठ और जोड़ों पर अत्यधिक दबाव डालना इस दौरान सही नहीं है। हल्की-फुल्की एक्सरसाइज जैसे चलना, प्रेग्नेंसी योग, और खिंचाव करने वाली गतिविधियां आपके शरीर को स्वस्थ रखती हैं और प्रसव को आसान बना सकती हैं। भारी वजन उठाने और अधिक शारीरिक मेहनत से बचें।
स्ट्रैस मैनेजमेंट न करना: तनाव को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव ना डालनें दें। इससे आपके बच्चे की ग्रोथ पर असर पड़ता है। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं और सकारात्मक माहौल बनाए रखें।
दवाओं का सेवन: बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा या सप्लीमेंट न लें। कुछ दवाइयां गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए हानिकारक हो सकती हैं।
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