पीरियड्स प्रोडक्ट्स के छिपे खतरे: क्या आप जानती हैं ये 8 बातें?

Published : Jan 16, 2025, 05:53 PM IST
menstrual hygiene products

सार

सैनिटरी पैड्स और टैम्पोन में मौजूद केमिकल्स से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे TSS, एलर्जी, और हार्मोनल असंतुलन। जानिए सुरक्षित विकल्पों के बारे में।

हेल्थ डेस्क.महिलाओं के पीरियड्स को लेकर कई प्रोडक्ट मार्केट में आ गए हैं। हालांकि कई महिलाएं सैनिटरी पैड और टैम्पोन के यूज से जुड़े संभावित जोखिम के प्रति अनजान है। इन प्रोडक्ट में हानिकारक केमिकल जैसे डाइऑक्सिन, फैथलेट्स और सिंथेटिक खुशबू, लंबे समय तक उपयोग से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इन खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित ऑप्शन का उपयोग करना

सैनिटरी पैड और टैम्पोन के उपयोग से जुड़ी 8 हेल्थ ईश्यू

1. टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (TSS)

टैम्पोन, खासकर सुपर-अब्जॉर्बेंट प्रकार के उपयोग से टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम का खतरा होता है। यह एक दुर्लभ लेकिन जानलेवा स्थिति है, जो बैक्टीरिया के टॉक्सिन के कारण होती है। टैम्पोन को लंबे समय तक छोड़ने से बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ता है।टैम्पोन को समय पर बदलें और कम अब्जॉर्बेंसी वाले टैम्पोन का उपयोग करें।

2. केमिकल इफेक्ट

सैनिटरी पैड और टैम्पोन में डाइऑक्सिन, क्लोरीन और कीटनाशक जैसे रसायन हो सकते हैं, जो ब्लीचिंग प्रक्रिया के दौरान प्रोडक्ट में मिलते हैं। डाइऑक्सिन को संभावित कैंसरजन माना गया है। इससे बचन के लिए आप अनब्लीच्ड और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट का उपयोग करें।

3. एलर्जी और त्वचा में जलन

सैनिटरी पैड में मौजूद सिंथेटिक खुशबू, चिपकने वाले पदार्थ और कृत्रिम सामग्री संवेदनशील त्वचा वाली महिलाओं में जलन या एलर्जी का कारण बन सकते हैं। बचन के लिए आप खुशबू रहित और हाइपोएलर्जेनिक प्रोडक्ट चुनें।

4. हार्मोनल असंतुलन

कुछ पीरियड्स प्रोटक्टों में एंडोक्राइन डिस्टर्बिंग केमिकल्स (EDCs) जैसे फैथलेट्स और बिसफेनॉल होते हैं, जो हार्मोन को प्रभावित कर सकते हैं और प्रजनन समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

5. संक्रमण का खतरा

पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई प्रोडक्ट में नहीं होने की वजह से बैक्टीरियल वेजिनोसिस, यीस्ट इंफेक्शन और मूत्र संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। टैम्पोन का लंबे समय तक उपयोग बैक्टीरिया के संक्रमण की संभावना को बढ़ा सकता है। इसलिए स्वच्छता बनाए रखें और समय पर उत्पाद बदलें।

6. पर्यावरणीय प्रभाव

सैनिटरी पैड और टैम्पोन का पर्यावरणीय नुकसान भी गंभीर है। भारत में सालाना 12 अरब से अधिक पैड का निपटान होता है, जिन्हें सड़ने में सैकड़ों साल लगते हैं।

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7. सर्वाइकल कैंसर का खतरा

हालांकि इसे लेकर अभी भी शोध जारी है। लेकिन लंबे समय तक जहरीले रसायनों के संपर्क में रहना सर्वाइकल कैंसर का कारण हो सकता है।

8. पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID)

टैम्पोन को लंबे समय तक भूल जाने से बैक्टीरिया के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जो प्रजनन अंगों तक पहुंच सकता है और PID का कारण बन सकता है।

पीरियड प्रोडक्ट का सुरक्षित ऑप्शन

महिलाओं को परियड के दौरान कुछ ऐसे प्रोडक्ट इस्तेमाल करने चाहिए जो केमिकल फ्री होते हैं। यहां पर कुछ ऑप्शन हम आपको बताने जा रहे हैं।

1. मेंस्ट्रुअल कप

मेडिकल-ग्रेड सिलिकॉन से बने मेंस्ट्रुअल कप केमिकल फ्री होते हैं। इसका उपयोग आप बार-बार कर सकती हैं। ये पर्यावरण फ्रेंडली भी होते हैं।

2. ऑर्गेनिक कॉटन पैड और टैम्पोन

यह उत्पाद सिंथेटिक रसायनों से मुक्त और बायोडिग्रेडेबल होते हैं। आप इसे भी इस्तेमाल करके हेल्थ इश्यू से बच सकते हैं।

3. पीरियड अंडरवियर

अब्जॉर्बेंट लेयर से बनी यह अंडरवियर अकेले या अतिरिक्त सुरक्षा के रूप में उपयोग की जा सकती है।

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