
Tests for men and women: हर महिला और पुरुष के लिए बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य समस्याओं का आना बेहद सामान्य बात होती है। अगर समय पर टेस्ट करा लिया जाएं तो बड़ी बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है। महिलाओं को 25 के बाद और पुरुषों को 40 के बाद कुछ हेल्थ टेस्ट जरूर करने चाहिए। इन हेल्थ टेस्ट का खर्चा ₹2000 से भी कम होता है। आईए जानते हैं महिलाओं और पुरुषों को साल में कौन-कौन से टेस्ट कराने चाहिए।
सीबीसी या कंप्लीट ब्लड काउंट टेस्ट एक सामान्य टेस्ट है। इससे कई बीमारियां जैसे एनीमिया, संक्रमण, ल्यूकेमिया आदि का पता लगाने में मदद मिलती है। सीबीसी टेस्ट के माध्यम से डॉक्टर स्वास्थ्य की स्थिति का पता लगाते हैं। साथ ही कई ब्लड डिसऑर्डर के बारे में पता चलता है।सीबीसी टेस्ट के माध्यम से कई बार मेडिसिंस के साइड इफेक्ट्स भी पता किए जाते हैं। महिलाएं और पुरुष 30 साल के बाद हर साल सीबीसी टेस्ट करा सकते हैं।
लिवर फंक्शन टेस्ट एक ब्लड टेस्ट होता है जिसकी मदद से विभिन्न एंजाइम के साथ ही प्रोटीन और अन्य पदार्थों का आंकलन किया जाता है जो लिवर के द्वारा बनाए जाते हैं। लिवर फंक्शन टेस्ट की मदद से लिवर की बीमारियों जैसे कि हेपेटाइटिस वायरस या एल्कोहलिक, फैटी लिवर डिजीज, सिरोसिस, लीवर डिजीज, जेनेटिक डिसऑर्डर, मेटाबॉलिक सिंड्रोम आदि का पता चलता है।
किडनी फंक्शन टेस्ट भी एक ब्लड टेस्ट होता है जिसकी मदद से किडनी फंक्शन के बारे में पता चलता है। किडनी संबंधी बीमारी हो या फिर किसी ट्रीटमेंट का दुष्प्रभाव, किडनी फंक्शन टेस्ट की मदद से इसकी जानकारी मिल जाती है।
थाइरॉएड प्रोफाइल टेस्ट के माध्यम से थायराइड ग्रंथि द्वारा सिक्रीट होने वाले हॉर्मोन के बारे में जानकारी मिलती है। थाइरॉएड प्रोफाइल टेस्ट में TSH यानी थाइरॉएड स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन, T3 हार्मोन और t4हार्मोन की जांच की जाती है। थाइरॉएड टेस्ट के माध्यम से हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथाइरॉएडिज्म डायग्नोज किया जाता है।
लिपिड प्रोफाइल टेस्ट भी एक ब्लड टेस्ट होता है जिसकी मदद से शरीर में पाए जाने वाले डिफरेंट प्रकार के फैट्स या लिपिड की जांच की जाती है। इन फैट्स में कोलेस्ट्रॉल, एचडीएल, एलडीएल, ट्राईग्लीसराइड्स और VLDL शामिल होते हैं। टेस्ट के माध्यम से कार्डियोवैस्कुलर डिजीज जैसे कि हार्ट अटैक या स्ट्रोक के बारे में जानकारी मिलती है। अगर किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होता है तो डॉक्टर लाइफस्टाइल चेंज की सलाह के साथ कुछ मेडिसिंस देते हैं ताकि भविष्य में दिल संबंधी बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके।
कैंसर के लिए खास टेस्ट किया जाता है जिसे CA 15-3 test कहते हैं। टेस्ट के माध्यम से कैंसर एंटीजन की CA 15-3 की ब्लड मौजूदगी के बारे में जानकारी मिलती है। इससे ब्रेस्ट कैंसर का पता चल जाता है। महिलाएं 25 साल के बाद हर साल ये टेस्ट करा सकती हैं।
CA 72.4 एक ट्यूमर मार्कर है जिसका उपयोग पेट के कैंसर का पता लगाने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट में 72.4 का बढ़ा हुआ लेवल गैस्ट्रिक कैंसर की ओर इशारा करता है।
आमतौर पर वयस्क व्यक्तियों में CEA प्रोटीन बहुत कम मात्रा में पाई जाती है लेकिन कुछ प्रकार के कैंसर में शरीर में इनका स्तर बढ़ जाता है। CEA टेस्ट के माध्यम से इसका लेवल नापा जाता है। मेटास्टैटिक कैंसर का पता लगाने के लिए या ट्रीटमेंट के दौरान निगरानी रखने के लिए सीईए टेस्ट किया जाता है।
पुरुषों को 40 साल के बाद प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन टेस्ट कराना चाहिए। यह प्रकार का ब्लड टेस्ट है जिसका इस्तेमाल प्रोस्टेट कैंसर की जांच के लिए किया जाता है। टेस्ट के दौरान पीएसए प्रोटीन का पता लागाया जाता है जो की प्रोस्टेट ग्रंथि से निकलता है। बढ़ी हुआ प्रोटीन लेवल प्रोस्टेट कैंसर की ओर इशारा करता है।
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