
आयुर्वेद के अनुसार हर व्यक्ति के शरीर की एक अलग प्रकृति होती है, जिसमें वात, पित्त और कफ शामिल होता है। जिन लोगों में पितृ दोष ज्यादा रहता है, उनके शरीर की तासीर गर्म मानी जाती है। ऐसे लोगों के शरीर में ज्यादा हीट बनती है, जिसके कारण कई शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं कि शरीर की गर्म तासीर से किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है और कौन से आयुर्वेदिक तरीके अपनाकर गर्म तासीर की समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।
जब शरीर में अधिक हीट जनरेट होती है, तो उसे आयुर्वेदिक तरीके से बैलेंस किया जा सकता है। आयुर्वेद में खानपान के जरिए शरीर की गर्मी को कंट्रोल करने की सलाह दी जाती है। कुछ ड्रिंक्स एंड फूड्स ऐसे होते हैं, जिन्हें खाने से शरीर को ठंडक मिलती है। आइए जानते हैं कि किन फूड्स को शामिल करना गर्म तासीर वाले लोगों को फायदा पहुंचा सकता है।
आप खाने में ठंडी तासीर वाले फल और सब्जियां शामिल कर सकते हैं। खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, नारियल पानी आदि न सिर्फ शरीर को हाइड्रेट रखने का काम करते हैं बल्कि ठंडक भी देते हैं।
गर्म तासीर वाले लोगों को अपनी डाइट में ठंडा दूध और दही शामिल करना चाहिए। रात में ठंडा हल्दी वाला दूध पीने से शरीर को फायदा मिलेगा।
आप सौंफ और धनिया का पानी जरूर पिएं। सौंफ के साथ धनिया दाना का काढ़ा पीने से पेट को ठंडक मिलती है और एसिडिटी की समस्या में भी राहत मिलती है।
आयुर्वेद में बेल के शरबत को बहुत फायदेमंद बताया गया है। गर्मियों में बेल का शरबत और छाछ पीना न सिर्फ पाचन सुधरता है बल्कि शरीर को भी कूल कूल रखता है।
डाइट में कुछ फूड्स एड करने के साथ ही आपको खाने में कुछ चीजों से बचाव भी करना है। ज्यादा मसालेदार भोजन न खाएं। साथ ही चाय, कॉफी और जंक फूड जितना हो सके कम लें। कुछ बातों का ध्यान रख अपनी डाइट चेंज कर गर्म तासीर वाले लोग शारीरिक समस्याओं से राहत पा सकते हैं।
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