
Folic Acid for Healthy Pregnancy: प्रेग्नेंसी प्लान करना सिर्फ खुशियों से भरा फैसला नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भरा कदम भी है। इस जिम्मेदारी की शुरुआत वहीं से होती है, जहां से आपके होने वाले बच्चे की पहली नींव रखी जाती है-उसके दिमाग और रीढ़ की हड्डी के विकास से। यही वजह है कि डॉक्टर लगातार सलाह देती हैं कि गर्भधारण से पहले फोलिक एसिड लेना बहुत जरूरी है। कई महिलाएं समझती हैं कि सप्लीमेंट्स तो प्रेगनेंसी आने के बाद लिए जाते हैं, लेकिन सच इसके बिल्कुल उलट है। शरीर को वो पोषण पहले से तैयार रखना पड़ता है, जिसकी जरूरत बच्चे को गर्भधारण के शुरुआती दिनों में ही पड़ जाती है। गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सोनल परिहार ने अपने इंस्टा वीडियो के माध्यम से बताया है कि प्रेगनेंसी प्लान करने वाली मां के लिए फोलिक एसिड क्यों जरूरी है और इसकी इंपॉर्टेंस क्या है।
फोलिक एसिड यानी विटामिन बी–9, एक ऐसा पोषक तत्व है जो शुरुआत से ही बच्चे के दिमाग और रीढ़ की हड्डी की सही संरचना के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। गर्भधारण की शुरुआत में ही बच्चे का नर्वस सिस्टम डेवलप होना शुरू हो जाता है, यह प्रोसेस गर्भ ठहरने के पहले 4-6 हफ्तों में तेजी से चलती है। यही वह समय होता है जब न्यूरल ट्यूब नामक संरचना बनती है, जो आगे चलकर दिमाग और रीढ़ की हड्डी तैयार करती है। अगर इस समय शरीर में फोलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा न मिले, तो न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स जैसे स्पाइना बिफिडा या एनेनसेफली का जोखिम बढ़ जाता है, जो बच्चे में गंभीर और जीवन भर चलने वाली समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
डॉ. सोनल परिहार (स्त्री रोग विशेषज्ञ – बीएचयू वाराणसी और लंदन ट्रेंड) मानती हैं कि ज्यादातर महिलाओं को गर्भ का पता 5-6वें हफ्ते में चलता है, जबकि इस समय तक न्यूरल ट्यूब का बनना लगभग पूरा हो चुका होता है। यानी अगर आप फोलिक एसिड प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव होने के बाद शुरू करती हैं, तो शरीर की जरूरत का सबसे महत्वपूर्ण समय पहले ही निकल चुका होता है।
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स्त्री रोग विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फोलिक एसिड को गर्भधारण की प्लानिंग बनाते ही शुरू कर देना चाहिए। महिलाओं को गर्भ ठहरने से 1–2 महीने पहले फोलिक एसिड लेना शुरू करना चाहिए, ताकि शरीर में विटामिन बी-9 का लेवल इतना हो जाए कि बच्चे के शुरुआती 30 दिनों के डेवलपमेंट और ग्रोथ को पूरा सपोर्ट मिल सके।
आम तौर पर 400–600 माइक्रोग्राम प्रतिदिन की मात्रा रखी जाती है, जो हर हेल्दी महिला के लिए सामान्य सलाह है। लेकिन अगर किसी महिला को पहले से कोई हेल्थ कंडीशन हो- जैसे डायबिटीज, मिर्गी, मोटापा या पहले की प्रेगनेंसी में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट हुआ हो-तो डॉक्टर इसकी मात्रा को (4–5 मिलीग्राम) भी लिख सकते हैं। यह मात्रा केवल डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए।
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