
Clove Benefits: शरीर को स्वस्थ रखने में खानपान का अहम रोल होता है। पोषण के लिए हम सब्जियां, फल वग़ैरह खाते हैं। लेकिन इनसे पूरा फायदा पाने में मसालों का भी योगदान होता है।
भारतीय रसोई में कई तरह के मसाले इस्तेमाल होते हैं। ये खाने को स्वादिष्ट बनाने के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। लौंग भी ऐसा ही एक मसाला है, जिसके फायदे जानकर आप दंग रह जाएंगे। Syzygium aromaticum नाम के पेड़ की सूखी कलियों को ही लौंग कहते हैं। लौंग में मौजूद यूजेनॉल में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर सर्दी-खांसी से बचाता है।
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प्यास, उल्टी से राहत। सांस की तकलीफ में आराम। पेट फूलना, दर्द कम करे। पुरानी खांसी, जुकाम से छुटकारा। पाचन में सुधार। आंखों, दांतों के लिए फायदेमंद। मुंह की बदबू दूर करे। गर्भावस्था में मॉर्निंग सिकनेस से राहत। एलर्जी से बचाव।
रोज़ एक लौंग चबाने से पाचक रसों का उत्पादन बढ़ता है, खाना पचता है और पोषक तत्व शरीर में अच्छे से अवशोषित होते हैं। अपच, गैस, कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं। इसके एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण मसूड़ों की बीमारियों और दांतों में सड़न पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ते हैं। इससे सांसों में ताजगी आती है और मुंह की बदबू दूर होती है।
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एक बर्तन गर्म करें, उसमें थोड़ा देसी घी डालें और 2-3 लौंग डालकर हल्का भूनें। फिर इन लौंग को चबाकर खाएं। ऐसा करने से लंबे समय से परेशान कर रही सर्दी-खांसी से राहत मिलती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। सांस की तकलीफ भी दूर होती है।
लौंग हर कोई खा सकता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी को उम्र के हिसाब से फायदा मिलता है। 6 साल से कम उम्र के बच्चों को रोज़ 1-2 लौंग दे सकते हैं। बड़े और बुजुर्ग 2-3 लौंग खा सकते हैं। एक साथ सारी लौंग मुंह में डालकर नहीं चबाना चाहिए। एक-एक करके चबाएं।
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