
बच्चों को प्रभावित करने वाले मधुमेह को टाइप 1 मधुमेह कहा जाता है। भोजन में बदलाव और शारीरिक गतिविधि की कमी बच्चों में टाइप 2 मधुमेह के खतरे को बढ़ा सकती है। इसलिए, माता-पिता को बच्चों में मधुमेह को रोकने के लिए कुछ हद तक सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों में अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अकारण वजन घटना आदि टाइप 1 मधुमेह के लक्षण हो सकते हैं। आइए जानते हैं बच्चों में मधुमेह को रोकने के लिए क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
1. स्वस्थ भोजन की आदत
स्वस्थ भोजन की आदतें विकसित करें। बच्चों को सब्जियां, फल और फाइबर युक्त आहार दें।
2. परहेज
वसायुक्त खाद्य पदार्थ, तले हुए खाद्य पदार्थ, चीनी युक्त खाद्य पदार्थ, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ आदि को अपने आहार से हटा दें।
3. मोटापा ठीक नहीं
मोटे बच्चों में मधुमेह का खतरा बहुत अधिक होता है। इसलिए माता-पिता को बच्चों के वजन का ध्यान रखना चाहिए। उम्र और कद के हिसाब से वजन बनाए रखना जरूरी है।
4. व्यायाम
मोबाइल फोन और गेम के साथ घर के अंदर ही न रहें, बच्चों को व्यायाम करने और शारीरिक गतिविधि विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करें।
5. नींद
नींद की समस्या भी बच्चों में मधुमेह के खतरे को बढ़ा देती है। इसलिए माता-पिता को बच्चों की नींद का भी ध्यान रखना चाहिए।
ध्यान दें: अगर आपको ये लक्षण दिखाई देते हैं, तो सेल्फ डायग्नोस करने की कोशिश न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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