भारत में मुंह के कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हर साल 20 मार्च को वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे मनाया जाता है। गुजरात में ओरल कैंसर की जांच बड़े पैमाने पर हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां 2025 में 3,000 से ज्यादा प्री-कैंसर केस मिले थे।
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वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे से पहले जारी आंकड़ों से पता चलता है कि गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने 2025 में 3,023 प्री-मैलिग्नेंट बीमारियों (PMD) की पहचान की। यह आंकड़ा 2024 में मिले 2,617 मामलों से कहीं ज्यादा था।
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अधिकारियों ने बताया कि नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम (NOHP) के तहत ये मामले सामने आए। पिछले साल 20 मार्च से 20 अप्रैल के बीच राज्य भर में एक कैंपेन चलाया गया, जिसमें 12,915 लोगों की स्क्रीनिंग हुई। शुरुआती पहचान पर फोकस करके समय पर इलाज संभव हो पाया।
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ओरल कैंसर एक तरह की गांठ है जो होंठ, जीभ, मसूड़े और गाल समेत मुंह या गले के किसी भी हिस्से में हो सकती है। तंबाकू का सेवन, शराब पीना, HPV इन्फेक्शन और UV एक्सपोजर इसके सबसे बड़े खतरे हैं।
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मुंह में बार-बार होने वाला छाला ओरल कैंसर का लक्षण हो सकता है। शुरुआती स्टेज में यह एक छोटे घाव या छाले जैसा दिखता है। अगर ऐसा कोई घाव दो हफ्ते बाद भी ठीक नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
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मुंह में असामान्य सफेद या लाल (एरिथ्रोप्लाकिया) धब्बे दिखना कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसा कुछ दिखने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लें। होंठ, मसूड़े या मुंह में कहीं भी गांठ या उभार महसूस हो, तो यह कैंसर हो सकता है।
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मुंह से बदबू आना आम बात है, लेकिन अगर यह लगातार और बहुत तेज हो, तो इसका संबंध मुंह के कैंसर से हो सकता है। इन लक्षणों को सही समय पर पहचानने से असरदार इलाज मिलना मुमकिन हो जाता है।