Viral Story: 'बस 2 घंटे मेरे पास बैठो', कैंसर से जूझ रही लड़की की अनोखी मांग ने जीता दिल

Published : May 02, 2026, 10:08 AM IST
Viral Story: 'बस 2 घंटे मेरे पास बैठो', कैंसर से जूझ रही लड़की की अनोखी मांग ने जीता दिल

सार

चीन में 24 वर्षीय कैंसर मरीज़ ने अकेलेपन के कारण फ़ूड ऐप से 2 घंटे का साथ मांगा। उसकी कहानी सुनकर कई राइडर्स उससे मिलने आए और सहारा दिया। इस सहारे से उसकी हालत सुधरी और उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

नई दिल्लीः कभी-कभी एक छोटी सी गुज़ारिश भी लोगों के दिलों को छू जाती है। ऐसा ही कुछ चीन के फोशान शहर में हुआ, जहां 24 साल की एक कैंसर मरीज़ की कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रही है। "लिटिल ली" नाम की यह लड़की एक दुर्लभ ब्लड कैंसर से जूझ रही है। इलाज के अकेलेपन को कम करने के लिए उसने एक फ़ूड डिलीवरी सर्विस का इस्तेमाल किया, लेकिन खाना ऑर्डर करने के लिए नहीं, बल्कि दो घंटे का साथ मांगने के लिए।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ली को अपने इलाज का सफ़र ज़्यादातर अकेले ही तय करना पड़ रहा है। उसके पिता मेडिकल खर्चों के लिए विदेश में काम करते हैं और भाई अपनी इंटर्नशिप में व्यस्त है। कीमोथेरेपी के चौथे राउंड के बाद जब ली को बहुत ज़्यादा अकेलापन महसूस हुआ, तो उसने फ़ूड डिलीवरी ऐप पर एक अजीब ऑर्डर दिया। उसने एक राइडर से सिर्फ़ "दो घंटे के लिए मेरे बिस्तर के पास बैठने" की गुज़ारिश की।

जब पहले डिलीवरी राइडर ने यह अनोखी रिक्वेस्ट पूरी की, तो उसने इस बारे में लोकल राइडर क्लब को बताया। इसके बाद जो हुआ, वह इंसानियत की एक खूबसूरत मिसाल बन गया। कई दूसरे राइडर्स अपनी शिफ़्ट खत्म करने के बाद ली से मिलने आने लगे। वे अक्सर अपने साथ किताबें, खिलौने और खाने-पीने का सामान लाते थे।

कुछ राइडर्स दूध, स्नैक्स, स्टफ्ड टॉयज़ और किताबें लेकर आए। वहीं कुछ ने उसके साथ बैठकर बातें करने का फैसला किया। कुछ राइडर्स ने तो ली से मिलने के लिए अपना शेड्यूल तक बदल लिया। एक राइडर ने बताया, "ली के साथ हर समय उसका कोई परिवार नहीं रहता। मुझे उसके लिए बहुत दुख हुआ और मैं उसका दर्द समझ सकता था, इसलिए मैं उससे मिलने गया।"

ली की कहानी देश के दूसरे कोनों तक भी पहुंची। ग्वांगझू के एक राइडर हुआंग, ली को हिम्मत देने के लिए तीन घंटे का सफ़र तय करके आए। हुआंग ने कहा, "एक बार कुछ अच्छे ग्राहकों ने मुझे पानी पिलाकर मेरा हाल-चाल पूछा था। अब मैं भी बदले में लोगों की मदद करना चाहता हूं।"

वांग नाम की 60 साल की एक कैंसर सर्वाइवर ने भी ली को फूल भेजे और अपनी हिम्मत की कहानी सुनाई। इन सब के बाद, ली की हालत में सुधार हुआ और उसे 20 अप्रैल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब वह अपने इलाज के अगले चरण का इंतज़ार कर रही है।

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