
हेल्थ डेस्क: अंतरिक्ष का वातावरण धरती के वातावरण से काफी हद तक अलग होता है। अमेरिकन एंट्रोनॉस्ट्स सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और बैरी विल्मोर (Barry Wilmore) लंबे समय से अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं। करीब 2 महीने से अंतरिक्ष में फंसे एस्ट्रोनॉट्स का शरीर धीमे-धीमे बीमार हो रहा है। रिपोर्ट्स की मानें तो दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को साल 2025 तक वापस धरती में लाया जा सकता है। जानिए लंबे समय तक स्पेस में रहने से सुनीता विलियम्स के शरीर को क्या खतरे हो सकते हैं।
1. स्पेस में रेड ब्लड सेल्स हो जाती है नष्ट
एक्सपर्ट के अनुसार लंबे समय तक स्पेस में रहने से रेड ब्लड सेल्स नष्ट हो जाती हैं। साथ ही आंखों, हार्ट सिस्टम और बोंस डेंसिटी पर भी बुरा असर पड़ता है। अंतरिक्ष की रेडिएशन इंसान की रेड ब्लड सेल्स को नष्ट कर देता है जिससे व्यक्ति को स्पेस एनीमिया हो सकता है।
2.म्यूटेशन के कारण होंगे जेनेटिक डिसऑर्डर
स्पेस में रेडिएशन के कारण डीएनए धीमे-धीमे डैमेज होते हैं। डीएनए स्टैंड के टूटने से म्यूटेशन होता है। म्यूटेशन के कारण व्यक्ति को जेनेटिक डिसऑर्डर हो सकता है। 1998 से 2001 के बीच इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में करीब 1 से 3 दिन के स्पेस मिशन हुए थे। लॉन्च से पहले साइंटिस्ट ने एंट्रोनॉस्ट्स के ब्लड सैंपल लिए थे। इसके बाद लैंडिंग के तीन बाद जांच में पाया गया कि ब्लड में फ्री-फ्लोटिंग माइटोकॉन्ड्रियल DNA बढ़ गया था।
3.सुनीता विलियम्स को हो सकता है स्पेस एनीमिया
हमारी बॉडी में हर सेकेंड 2 मिलियन रेड ब्लड सेल्स बनती हैं और साथ ही डिस्ट्रॉय भी होती हैं। वहीं स्टडी के मुताबिक स्पेस में बॉडी प्रति सेकेंड 3 मिलियन सेल्स डैमेज कर देती है। वहीं स्पेस में इंसान का फ्लूड का 10% खत्म हो जाता है। इस कारण से सुनीता विलियम्स के स्पेस एनीमिया के साथ ही जेनेटिक डिसऑर्डर के चांसेज बढ़ जाते हैं।
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