साबूदाना खाने से होता है कॉन्स्टिपेशन? जानिए सच और सेहत पर असर

Published : Sep 23, 2025, 09:54 PM IST
साबूदाना

सार

Sabudana Causes Constipation: साबूदाना एनर्जी देने वाला अच्छा फूड है, खासकर फास्टिंग के दिनों में। लेकिन इसमें फाइबर, प्रोटीन और विटामिन्स की कमी होती है, इसीलिए इससे कई परेशानियां पैदा होती हैं।

नवरात्रि व्रत के दिनों में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला फूड साबूदाना है। चाहे खिचड़ी हो, वड़ा हो या खीर, साबूदाना एनर्जी देने के लिए बेस्ट माना जाता है। यही वजह है कि इसे उपवास के दौरान ताकत और पेट भरा रखने वाला फूड माना जाता है। लेकिन, क्या साबूदाना सच में हेल्दी है या इसके नुकसान भी हो सकते हैं? कई लोग बताते हैं कि इसका ज्यादा सेवन करने से कॉन्स्टिपेशन, गैस और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। रिसर्च भी इस बात की तरफ इशारा करती है कि सिर्फ कार्ब्स बेस्ड डाइट लंबे समय तक हेल्दी नहीं मानी जाती है। तो आइए जानते हैं कि हेल्थ एक्सपर्ट्स और स्टडीज इसके बारे में क्या कहती हैं और किस तरह इसका सही सेवन आपकी सेहत के लिए फायदेमंद या नुकसानदायक हो सकता है।

साबूदाना और कॉन्स्टिपेशन का कनेक्शन

साबूदाना (Tapioca Pearls) ज्यादातर स्टार्च से बना होता है और इसमें फाइबर बहुत कम पाया जाता है। USDA Data के अनुसार, 100 ग्राम साबूदाना में फाइबर सिर्फ 0.9 ग्राम होता है। डाइटरी फाइबर की कमी होने से पाचन धीमा हो सकता है और इससे कॉन्स्टिपेशन (कब्ज) की समस्या बढ़ सकती है।मतलब यह कि अगर आप साबूदाना खा रहे हैं और साथ में पर्याप्त फल, सब्जियां या पानी नहीं ले रहे, तो कब्ज की संभावना बढ़ जाती है।

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रिसर्च और स्टडीज क्या कहती हैं?

Journal of Food Science & Technology (2018) में छपी एक स्टडी बताती है कि साबूदाना हाई कार्बोहाइड्रेट और लो फाइबर फूड है, जो ब्लड शुगर लेवल को भी तेजी से बढ़ा सकता है। National Institute of Nutrition, India की रिपोर्ट के अनुसार, साबूदाना सिर्फ क्विक एनर्जी देता है लेकिन इसमें माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (विटामिन्स, मिनरल्स) बहुत कम होते हैं।

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साबूदाना से होने वाली हेल्थ प्रॉब्लम

  • कॉन्स्टिपेशन (Constipation) – फाइबर की कमी से पेट साफ नहीं होता।
  • ब्लड शुगर स्पाइक (Blood Sugar Spike) – डायबिटीज़ मरीजों के लिए खतरनाक हो सकता है।
  • वेट गेन (Weight Gain) – हाई कैलोरी और लो प्रोटीन होने से वजन तेजी से बढ़ सकता है।
  • पेट फूलना और गैस (Bloating & Gas) – लगातार खाने पर डाइजेशन स्लो हो जाता है।

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