
Sleep Disorders and Heart Health: आज की तेज-रफ्तार जिंदगी में नींद को अक्सर सबसे आखिरी प्राथमिकता दी जाती है। 'काम पहले, नींद बाद मेंट जैसे जुमले आम हो गए हैं। लेकिन यह आदत आपके दिल पर भारी पड़ सकती है। बायोमार्कर रिसर्च जर्नल में छपी एक लेटेस्ट स्टडी के मुताबिक, नींद की कमी हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दिल की अनियमित धड़कनों जैसे गंभीर दिल के रोगों का कारण बन सकती है। स्वीडन के उप्साला यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स द्वारा की गई इस रिसर्च ने नींद और दिल की सेहत के बीच सीधा रिश्ता उजागर किया है।
इस स्टडी को लीड करने वाले रिसर्चर जॉनाथन सेडरनेस ने बताया कि रिसर्च का मकसद यह जानना था कि नींद की कमी कैसे दिल की बीमारियों को ट्रिगर करती है और क्या इसे रोका जा सकता है। स्टडी के लिए 16 स्वस्थ युवाओं को दो ग्रुप्स में बांटा गया -
पहला ग्रुप: अच्छी नींद लेने वाला, जिन्हें हर रात लगभग 8.5 घंटे की नींद दी गई
दूसरा ग्रुप: कम नींद लेने वाला, जिन्हें सिर्फ 4.25 घंटे की नींद दी गई
इन दोनों ग्रुप्स से हर सुबह और शाम एक्सरसाइज करवाई गई और उनके ब्लड प्रोटीन लेवल्स को मॉनिटर किया गया।
रिसर्च से सामने आया कि जो लोग कम नींद ले रहे थे, उनके शरीर में डेली रिदम (Circadian Rhythm) बिगड़ गया था। इसका सीधा असर उनके मेटाबॉलिज्म और ब्लड प्रेशर पर पड़ा। इनमें दिल से जुड़ी कई चेतावनी देने वाली बायोमार्कर एक्टिविटीज बढ़ गईं, जो भविष्य में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का संकेत हो सकती हैं।
रिसर्चर्स मानते हैं कि नींद की कमी पूरी तरह से लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या है, और इसे बदला जा सकता है। कुछ आसान उपाय जो इस खतरे को कम कर सकते हैं।
स्टडी में ये भी पाया गया कि नियमित एक्सरसाइज से दिल की सेहत को सुधारा जा सकता है, भले ही नींद पूरी न हो। हालांकि, यह सिर्फ एक अस्थायी बैलेंस है नींद की कमी की भरपाई एक्सरसाइज से पूरी तरह नहीं हो सकती।
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