
तांबे (कॉपर) की बोतल में पानी पीना आयुर्वेद के अनुसार बहुत फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसके इस्तेमाल में कुछ गलतियां आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं। बहुत से लोगों को ये नहीं पता कि तांबे के बोतल का इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है, क्या करने से तांबे का बोतल फायदे के बदले नुक्सानदायक हो जाता है आइए विस्तार से जानते हैं कि किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है—
तांबे की बोतल को ठंडा रखने के लिए फ्रिज में रखना गलत है। ऐसा करने से कॉपर के गुणों में बदलाव आ सकता है और यह पानी के लिए उतना फायदेमंद नहीं रहेगा। इसके बजाय, कमरे के तापमान पर ही बोतल में पानी रखें और इसे 6-8 घंटे के बाद पिएं, ताकि शरीर को अधिक लाभ मिले।
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कॉपर बॉटल को डिशवॉशर में धोने से इसकी इनर और आउटर कोटिंग धीरे-धीरे निकलने लगती है, जिससे तांबा घिस जाता है और यह शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसे साफ करने के लिए—
कॉपर की बोतल में गर्म पानी डालने से मेटल लीचिंग (धातु के अंश पानी में घुल जाना) की समस्या हो सकती है, जिससे शरीर में तांबे की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ सकती है। यह पाचन संबंधी समस्याएं और शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ा सकता है। इसलिए, हमेशा ठंडा या गुनगुना पानी ही रखें।
लगातार कॉपर बॉटल का इस्तेमाल करने से शरीर में तांबे की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो सकती है, जिससे कॉपर टॉक्सिसिटी (Copper Toxicity) हो सकती है। इसके लक्षणों में—
इससे बचने के लिए हर 2-3 महीने के उपयोग के बाद 1 महीने का ब्रेक लें, ताकि शरीर में अतिरिक्त तांबा रिलीज हो जाए और संतुलन बना रहे।
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