
Dengue in Monsoon: बारिश का मौसम शुरू होते ही डेंगू का खतरा बढ़ने लगता है। बारिश, गर्मी और हवा में ज्यादा नमी एडीज मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती है। खासकर उन जगहों पर जहां बारिश का पानी कई दिनों तक जमा रहता है, वहां मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।
डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर थोड़ी मात्रा में जमा साफ पानी में भी अंडे दे सकते हैं। इसलिए यह मानना सही नहीं है कि मच्छर सिर्फ गंदे या बड़े जलाशयों में ही पनपते हैं। घर के आसपास जमा छोटा सा पानी भी इनके लिए पर्याप्त हो सकता है।
बारिश के दौरान घर और आसपास की कई छोटी जगहों में पानी जमा हो जाता है। यही जगहें एडीज मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन सकती हैं।
सिर्फ तेज बारिश ही डेंगू के खतरे की वजह नहीं है। रुक-रुककर होने वाली बारिश के बाद गर्म और नम मौसम मच्छरों की संख्या बढ़ाने में ज्यादा मदद कर सकता है। बारिश के बाद जमा पानी में मच्छरों को अंडे देने की जगह मिलती है, जबकि गर्म तापमान उनके विकास को बढ़ावा दे सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारी बारिश के बाद अगर मौसम दोबारा गर्म हो जाए तो डेंगू फैलने का जोखिम लंबे समय तक बना रह सकता है।
चेन्नई, कोलकाता, मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में तेजी से होता शहरीकरण डेंगू के खतरे को बढ़ा सकता है। घनी आबादी, निर्माण कार्य, खराब जल निकासी और कचरा प्रबंधन की समस्या के कारण बारिश का पानी कई जगहों पर जमा हो जाता है।
डेंगू का खतरा केवल खुले इलाकों तक सीमित नहीं है। घरों की बालकनी, छत, गमले, कूलर और इस्तेमाल में नहीं आने वाले बर्तनों में जमा पानी भी एडीज मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन सकता है। इसलिए बारिश के मौसम में घर के अंदर और आसपास पानी जमा न होने देना डेंगू से बचाव का अहम तरीका है।
जब एडीज मच्छर डेंगू से संक्रमित व्यक्ति को काटता है, तो वह वायरस लेकर दूसरे व्यक्ति तक पहुंचा सकता है। घनी आबादी वाले इलाकों में लोगों के एक-दूसरे के करीब रहने के कारण संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ सकता है।
तापमान और बारिश का पैटर्न डेंगू के फैलाव पर असर डाल सकता है। ज्यादा तापमान मच्छर के शरीर के अंदर वायरस के विकास की रफ्तार को प्रभावित कर सकता है। वहीं, बारिश के बाद गर्म और नम मौसम मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में बदलाव और बारिश के पैटर्न में परिवर्तन से डेंगू फैलने की अवधि भी प्रभावित हो सकती है।
डेंगू के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर बुखार के साथ शरीर में तेज दर्द या कमजोरी महसूस होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
डेंगू में बुखार कम होने के बाद भी स्थिति बिगड़ सकती है। अगर बुखार उतरने के बाद पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, खून आना, अत्यधिक कमजोरी या बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
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