
आजकल जूलरी खरीदते समय अक्सर हमें ऐसे शब्द गोल्ड प्लेटेड, गोल्ड कोटेड और गोल्ड वर्मेल सुनने को मिलते हैं। दिखने में ये तीनों जूलरी एक जैसी चमकदार और सोने जैसी लगती हैं, लेकिन असल में इनके बीच क्वालिटी, कीमत, टिकाऊपन और सोने की मात्रा में बड़ा फर्क होता है। अगर आप बिना पूरी जानकारी के जूलरी खरीद लेती हैं, तो बाद में रंग उड़ना, स्किन रिएक्शन या पैसा वेस्ट होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। आप हम आपको इन तीनों के बारे में बताएंगे कि इनमें क्या फर्क है और आपके लिए कौन-सा ऑप्शन सही है।
गोल्ड प्लेटिंग में किसी बेस मेटल (जैसे ब्रास, कॉपर या अलॉय) के ऊपर बहुत पतली लेयर में सोना चढ़ाया जाता है। यह सोने की परत माइक्रॉन से भी पतली होती है और इलेक्ट्रो-प्लेटिंग प्रोसेस से लगाई जाती है। इस तरह की जूलरी देखने में बिल्कुल गोल्ड जैसी लगती है, लेकिन इसमें इस्तेमाल हुआ सोना बहुत कम मात्रा में होता है।
यही वजह है कि गोल्ड प्लेटेड जूलरी की कीमत कम होती है और यह फैशन जूलरी कैटेगरी में आती है। हालांकि, गोल्ड प्लेटिंग की सबसे बड़ी कमी यह है कि रोज पहनने पर इसका रंग जल्दी उतर सकता है। पसीना, पानी और परफ्यूम से प्लेटिंग खराब हो सकती है कुछ लोगों को स्किन एलर्जी भी हो सकती है लेकिन यह जूलरी ऑकेशनल वियर या कम बजट ऑप्शन के लिए ठीक रहती है।
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गोल्ड कोटिंग अक्सर गोल्ड प्लेटिंग का ही एक जनरल नाम होता है, लेकिन इसमें सोने की लेयर थोड़ी मोटी हो सकती है। कई बार दुकानदार प्लेटिंग और कोटिंग को एक ही समझ लेते हैं, जिससे कन्फ्यूजन बढ़ता है। गोल्ड कोटेड जूलरी में भी बेस मेटल वही होता है, लेकिन सोने की परत प्लेटिंग से थोड़ी ज्यादा मोटी हो सकती है।
इस जूलरी की फिनिश ज्यादा स्मूद और शाइनी होती है। फिर भी, यह रियल गोल्ड जूलरी नहीं होती और लंबे समय तक पहनने के लिए सही नहीं मानी जाती। गोल्ड कोटिंग आमतौर पर डेली वियर के बजाय पार्टी या फंक्शन के लिए बेहतर रहती है।
अब बात करते हैं सबसे कम समझे जाने वाले लेकिन सबसे प्रीमियम ऑप्शन गोल्ड वर्मेल की। गोल्ड वर्मेल में बेस मेटल के रूप में स्टर्लिंग सिल्वर (92.5% प्योर सिल्वर) इस्तेमाल किया जाता है और उसके ऊपर मोटी लेयर में असली सोना चढ़ाया जाता है। यह सोना आमतौर पर 10K, 14K या 18K का होता है और इसकी मोटाई इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के अनुसार तय होती है।
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गोल्ड वर्मेल में बेस मेटल सिल्वर होता है, सस्ता अलॉय नहीं। गोल्ड लेयर प्लेटिंग से कई गुना मोटी होती है ये स्किन-फ्रेंडली और एलर्जी-फ्री रहती है। लंबे समय तक इसका रंग बना रहता है। यही वजह है कि गोल्ड वर्मेल को हाई-क्वालिटी फाइन जूलरी का अफोर्डेबल वर्जन कहा जाता है।
अगर आसान भाषा में समझें तो गोल्ड प्लेटिंग और गोल्ड कोटिंग दिखने में सुंदर होते हैं लेकिन टिकाऊ नहीं। वहीं गोल्ड वर्मेल दिखने में भी प्रीमियम और क्वालिटी में भी बेहतर रहते हैं। कीमत की बात करें तो गोल्ड प्लेटेड सबसे सस्ती होती है लेकिन गोल्ड कोटेड उससे थोड़ी महंगी और गोल्ड वर्मेल सबसे महंगी होती है लेकिन ये वैल्यू फॉर मनी होती है।
अगर आप सिर्फ ट्रेंड फॉलो करना चाहती हैं तो गोल्ड प्लेटिंग सही है। पार्टी और कभी-कभार पहनना चाहती हैं तो गोल्ड कोटिंग चुनें। वहीं रोज पहनने लायक, स्किन-सेफ और लॉन्ग-लास्टिंग जूलरी चाहती हैं तो गोल्ड वर्मेल बेस्ट है। इसी हिसाब से जूलरी का सिलेक्शन करें।