
Marigold Plant More Flowers Tips: सर्दियों में कोई फूल खिले या फिर न खिले एक पौधा ऐसा है, जो हर घर में सर्दियों के लिए खास तौर पर लगाया जाता है। सर्दियों में राजा कहे जाने वाला गेंदे का फूल आपको हर घर में मिल जाएगा। गेंदे का पौधा आसानी से लग जाता है और जब उसमें फूल खिलता है, तो पत्तियां कम और फूल ज्यादा होते हैं। ऐसे में बहुत से लोगों की ये शिकायत होती है कि गेंदे के पौधे का ग्रोथ रूक सा गया है, पौधे में नई कलियां नहीं खिल रही। अगर आपके भी गेंदे के पौधे के साथ यहि दिक्कत है, तो पौधे में डालें ये 5 चीजें, जिससे न सिर्फ पौधे की ग्रोथ बढ़ेगी, बल्कि पौधा फूलों से लद जाएगा।
गेंद पर कली न आने की सबसे बड़ी वजह मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की कमी होती है। सरसों की खली इन तीनों पोषक तत्वों का बढ़िया सोर्स है, जो पौधे को अंदर से ताकत देती है और फ्लावरिंग हार्मोन को एक्टिव करती है। जब इससे बना घोल मिट्टी में डाला जाता है, तो पौधे से साइड ब्रांच बढ़ाने लगता है और 10–15 दिनों के भीतर कलियां भी खिलने लगती है।
फूल कम आने की दूसरी वजह पोटेशियम की कमी होती है। केले के छिलकों में भरपूर पोटैशियम होता है जो गेंदे के फूलों को बड़ा बनाता है, उनका रंग गहरा करता है और नई कलियों को तेजी से खिलने में मदद करता है। सूखे छिलकों का पाउडर या फिर ताजे छिलके को पानी दो-तीन दिन रखकर पानी को मिट्टी में मिलाने से पौधा का ग्रोथ बढ़ता है।
इसे भी पढ़ें- दिल्ली-NCR की जहरीली हवा से नहीं घुटेगा दम, घर को भरें 5 पौधे से
गेंदे के लिए मिट्टी का हल्की, भुरभुरी होना बहुत जरूरी है। किचन वेस्ट से बना हुआ कंपोस्ट मिट्टी में डालने से मिट्टी में पोषण बढ़ेगी, जड़ें फैलने लगती हैं और पौधे को भीतर से पोषण मिलता है। जब जड़ें मजबूत होती हैं, तो ज्यादा फूल खिलता है। कंपोस्ट डालने के 10–15 दिनों बाद पौधे नई कलियां खिलने लगता है।
कई बार गेंदे में फूल नहीं आते क्योंकि मिट्टी में कीड़े, फंगल या बैक्टीरिया जड़ों को कमजोर करती है। नीम की खली एक नेचुरल कीटनाशक की तरह काम करती है और जड़ों की सुरक्षा करके पौधे को हेल्दी रखती है। जब जड़ें सेफ रहती हैं तो पौधा अपनी सारी एनर्जी तेजी से फूल निकालने में लगा देता है। नीम की खली जड़ और पौधे में मौजूद कीड़े और फंगल को दूर करने में मदद करती है।
इसे भी पढ़ें- रिकिन पॉइजन प्लांट से बनाएं कैस्टर ऑयल, बालकनी में 1 पॉट में लगाएं ये पौधा
कई बार पौधा हरा तो दिखता है, लेकिन पत्तियों के भीतर क्लोरोफिल कम बनता है, जिससे फ्लावरिंग स्लो हो जाती है। एप्सम सॉल्ट में मौजूद मैग्नीशियम क्लोरोफिल बनाने का प्रोसेस तेजी से होता है और पौधे को मजबूत बनाता है और नई शाखाएं तेजी से आता है और तेजी से ढेर सारी कलियां आने लगती हैं। एप्सम सॉल्ट डालने के 10-15 दिन बाद कली आने लगती है।
Lifestyle articles & tips in Hindi (लाइफ स्टाइल न्यूज़): Read latest lifestyle articles, Relationship tips, Health & beauty tips, Travel news in Hindi online at Asianet News Hindi.