
दिवाली सिर्फ रोशनी और सजावट का त्योहार नहीं, बल्कि देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का शुभ पर्व है। घर में लक्ष्मी का आगमन तभी संभव माना जाता है जब पूजा विधि-विधान से की जाए और आवश्यक सामग्री पूरी हो। पूजा के समय अगर सामग्री पूरी न हो तो शुभ समय में बाधा आ सकती है। इसलिए इस बार दिवाली 2025 के लिए ज़रूरी है कि आप सारी चीज़ें पहले से जुटा लें। इस बार दिवाली 2025 में अगर आप आखिरी समय की भागदौड़ से बचना चाहते हैं, तो पूजा सामग्री अभी से लिस्ट में जोड़ लें और समय रहते खरीद लें।
पूजा की शुरुआत आमतौर पर लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमा या तस्वीर से होती है। मिट्टी, धातु या संगमरमर की बैठी मुद्रा वाली मूर्तियों को शुभ माना जाता है। कुछ लोग इनके साथ सरस्वती जी की मूर्ति भी रखते हैं ताकि ज्ञान, धन और सुख तीनों का आशीर्वाद प्राप्त हो।
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पूजा स्थल की सजावट भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए लाल या पीला कपड़ा या आसन चौकी पर बिछाना चाहिए। दरवाजे और चौखटों को बंदनवार, रंगोली और फूलों से सजाया जाता है। गेंदे, गुलाब और कमल के फूल पूजा और सजावट दोनों के लिए सबसे उपयोगी माने जाते हैं। कलश स्थापना के लिए तांबे या मिट्टी का कलश, गंगाजल, आम के पत्ते और नारियल का होना जरूरी है। यह घर में समृद्धि और पॉजिटिव एनर्जी का प्रतीक माना जाता है।
लक्ष्मी पूजन में सिक्कों का विशेष महत्व होता है, इसलिए धातु या चांदी के सिक्के रखना शुभ माना जाता है। इनके साथ चावल यानी अक्षत, हल्दी की गांठ, सुपारी और स्वास्तिक या ओम का चिन्ह भी पूजा में शामिल किया जाता है।
इस दिवाली के लिए आप पहले से पूजा थाल, मिट्टी या धातु के दीये, तेल या घी की बाती, कपूर, अगरबत्ती और धूप स्टिक के बिना किसी भी पूजा को पूर्ण नहीं माना जाता।
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मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के लिए रोली, चंदन, कुमकुम, मौली, पंचमेवा, कपूर और मिठाई भी तैयार रखनी चाहिए। नैवेद्य में फल, लड्डू, मखाने या बताशे अवश्य रखे जाते हैं। गेहूं और चावल जैसी चीजें भी पूजन सामग्री का हिस्सा होती हैं, क्योंकि इन्हें समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक माना गया है।
व्यापारियों और गृहस्थ लोगों के लिए दिवाली पर नए खाता-बही की पूजा यानी चोपड़ा पूजन का विशेष महत्व है। इसलिए नई डायरी या अकाउंट बुक पहले से खरीदकर रखना अच्छा रहता है।
पूजा के साथ घर की सजावट भी महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए मिट्टी के दीये, मोमबत्तियां, बिजली की लाइट्स, कंदील और दरवाजे पर लक्ष्मी चरण के स्टिकर्स का उपयोग किया जाता है।
कुछ लोग समृद्धि के लिए गोमती चक्र, कौड़ी और छोटी झाड़ू भी खरीदकर रखते हैं, क्योंकि इन्हें अलक्ष्मी निवारण और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
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