
बालों की देखभाल में सबसे बड़ा कन्फ्यूजन यही होता है कि हेयर मास्क (Hair Mask) और कंडीशनर (Conditioner) में क्या फर्क है और डैमेज हेयर के लिए किसे इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा। दोनों ही हेयर केयर प्रॉडक्ट्स हैं, लेकिन इनका काम, असर और इस्तेमाल करने का तरीका अलग होता है। हेयर केयर के लिए यहां जानें डिटेल में, दोनों में क्या फर्क है।
हेयर मास्क को अक्सर डीप ट्रीटमेंट कहा जाता है। यह न सिर्फ बालों की सतह पर बल्कि जड़ों और स्ट्रैंड्स के अंदर तक जाकर रिपेयर करता है। हेयर कंडीशनर टेक्सचर में ज्यादा गाढ़ा और न्यूट्रीशन से भरा होता है। इसमें नैचुरल बटर, ऑयल्स (नारियल, आर्गन, ऑलिव), प्रोटीन और विटामिन होते हैं। जब बाल बहुत डैमेज, रूखे या केमिकल ट्रीटमेंट (कलरिंग, स्ट्रेटनिंग) के बाद टूटने लगे हों तो इसे ट्राय करें।
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कंडीशनर को डे-टू-डे प्रोटेक्टर माना जाता है। यह बालों की बाहरी परत (cuticle) को स्मूद करता है ताकि बाल उलझें नहीं और आसानी से मैनेज हों। इसका टेक्सचर हल्का और क्रीमी होता है। इसमें इंग्रीडिएंट्स के तौर पर सिलिकॉन, हाइड्रेटिंग एजेंट्स और हल्के ऑयल्स का यूज होता है। जब बाल नॉर्मल या हल्के ड्राई हों तो आपको रोजाना मैनेजमेंट के लिए इसे यूज करना चाहिए।
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अगर आपके बाल बहुत रूखे और टूटने वाले हैं। साथ ही हीट स्टाइलिंग, कलरिंग या केमिकल ट्रीटमेंट से डैमेज हो चुके हैं। स्प्लिट एंड्स और हेयर फॉल की समस्या है तो हेयर मास्क आपके लिए सबसे बेस्ट है। यह बालों को गहराई से रिपेयर करता है और खोई नमी वापस लाता है। लेकिन, अगर आपके बाल सिर्फ हल्के ड्राई या फ्रिजी हैं और आप रोजाना की हेयर केयर में मैनेज करना चाहते हैं, तो कंडीशनर काफी है। कंडीशनर आपके हेयर के लिए रोज का शॉर्ट-टर्म सॉल्यूशन है, जबकि हेयर मास्क एक लॉन्ग-टर्म हीलर है। डैमेज हेयर को रिपेयर करना है तो हेयर मास्क जरूर शामिल करें, लेकिन रोजाना की स्मूथनेस और सॉफ्टनेस के लिए कंडीशनर भी जरूरी है।
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