
लाइफस्टाइल डेस्क. भारत के कोने-कोने में भगवान हनुमान के भक्त हैं। कई ऐसे मंदिर हैं जहां पर उनके दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। बेल्लारी के यंत्रोद्धारक हनुमान से लेकर इलाहाबाद के हनुमान मंदिर तक लोग दर्शन को पहुंचते हैं। 23 अप्रैल को हनुमान जयंती है ऐसे में राम सेवक श्री हनुमान के दर्शन के लिए इन मंदिरों में जा सकते हैं।
हनुमान मंदिर, इलाहबाद
इलाहबाद किले से सटा यह मंदिर लेटे हुए भगवान हनुमान की प्रतिमा वाला प्राचीन मंदिर है। इसमें हनुमान जी लेटी हुई मुद्रा में हैं। मूर्ति 20 फीट लम्बी है।
हनुमानगढ़ी, अयोध्या
अयोध्या का हनुमानगढ़ी मंदिर काफी फेमस हैं।यह मंदिर राजद्वार के सामने ऊंचे टीले पर बना है। श्री राम की जन्मस्थली में भगवान हनुमान के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। इस मंदिर की स्थापना 300 साल पहले स्वामी अभयारामदासजी ने की थी।
श्री संकटमोचन मंदिर, वाराणसी
यूपी के वाराणसी में स्थिति श्री संकटमोचन मंदिर काफी फेमस है। । इस मंदिर के चारों ओर एक छोटा सा वन है। ऐसा कहा जाता है कि हनुमानजी की यह मूर्ति गोस्वामी तुलसीदासजी के तप एवं पुण्य से प्रकट हुई स्वयंभू मूर्ति है।
भेट-द्वारका, गुजरात
गुजरात के भेज द्वारका से कुछ दूरी पर मकरध्वज के साथ में भगवान हनुमान की मूर्ति स्थापित है। कहते हैं कि पहले मकरध्वज की मूर्ति छोटी थी परंतु अब दोनों मूर्तियां एक सी ऊंची हो गई हैं। मकरध्वज को हनुमानजी का बेटा बताया गया है। कहा जाता है कि हनुमान जी के पसीने द्वारा एक मछली से वो हुए।
सालासर हनुमान मंदिर,राजस्थान
यह मंदिर राजस्थान के चूरू जिले में है। सालासर गांव में यह मंदिर स्थित है इसलिए इसका नाम सालासर बालाजी रखा गया है। दाढ़ी और मूंछ वाले हनुमान जी हैं। सोने के सिंहासन पर इन्हें विराजमान किया गया है।
हनुमान धारा, चित्रकूट
उत्तर प्रदेश में सीतापुर के पास यह हनुमान मंदिर है। यह पहाड़ पर स्थित मंदिर हैं और मूर्ति के ठीक ऊपर दो कुंड हैं, जो हमेशा पानी से भरे रहते हैं। उनमें से पानी बहता रहता है। इस धारा का जल मूर्ति के ऊपर से बहता है। इसीलिए इसका नाम हनुमान धारा पड़ा है।
हंपी, कर्नाटक
बेल्लारी जिले के हंपी शहर में एक हनुमान मंदिर है। इन्हें यंत्रोद्धारक हनुमान कहा जाता है। यहां पर भी लोग भगवान हनुमान के दर्शन करने पहुंचते हैं।
बालाजी हनुमान मंदिर, मेहंदीपुर ,राजस्थान
राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाडिय़ों के बीच बसा हुआ मेहंदीपुर है। यहां स्थित बालाजी हनुमान मंदिर करीब 1 हजार साल पुराना है। कहा जाता है कि यहां चट्टान में हनुमान की आकृति स्वयं उभर आई थी।
डुल्या मारुति, पूणा
पूणा के गणेशपेठ में बना डुल्या मारुति मंदिर काफी फेमस है। यह 350 वर्ष पुराना है। काले पत्थर पर भगवान हनुमान की झलक मिलती है। इस मूर्ति की स्थापना श्रीसमर्थ रामदास स्वामी ने की थी।
श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर, सारंगपुर ,गुजरात
महायोगिराज गोपालानंद स्वामी ने श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर बनवाया था। कहा जाता है कि मूर्ति की स्थापना के वक्त इसमें आवेश हुआ और यह हिलने लगी थी।
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