
घर में पड़े पुराने तकिए अक्सर अलमारी के कोने में दबे रह जाते हैं। समय के साथ उनका कवर पुराना हो जाता है या शेप थोड़ा बिगड़ जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे पूरी तरह बेकार हो गए हैं। थोड़ी समझदारी और क्रिएटिविटी से इन्हें दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। इससे न केवल पैसे की बचत होती है, बल्कि घर का वेस्ट भी कम होता है। आइए जानते हैं, पुराने तकियों को कैसे नए और उपयोगी रूप में बदला जा सकता है।
अगर तकिए की फिलिंग अभी भी ठीक है, तो उसे फ्लोर कुशन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए तकिए को धूप में अच्छी तरह सुखाकर उस पर नया और मोटा कवर चढ़ा दें। चाहें तो दो पतले तकियों को एक साथ रखकर बड़ा और मोटा बैठने वाला कुशन तैयार कर सकती हैं। यह मेडिटेशन कॉर्नर, बच्चों के खेलने की जगह या बालकनी में बैठने के लिए बेहद काम आता है।
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घर में डॉग या कैट हो तो पुराना तकिया उनके लिए सॉफ्ट बेड बन सकता है। बस एक वॉशेबल कवर लगाकर उसे किसी कोने में रख दें। अगर तकिया पतला है, तो दो-तीन तकियों को साथ रखकर मोटा बेस तैयार किया जा सकता है। इससे पालतू जानवर को आराम मिलेगा और आपको अलग से बेड खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सर्दियों में दरवाजे के नीचे से ठंडी हवा आती है, जिससे कमरा ठंडा हो जाता है। पुराने तकिए की फिलिंग निकालकर उसे लंबी ट्यूब शेप के कपड़े में भर दें और दोनों किनारे सिल दें। यह डोर ड्राफ्ट स्टॉपर की तरह काम करेगा और कमरे को गर्म रखने में मदद करेगा।
लंबो ट्रैवल के दौरान गर्दन और कमर में दर्द की शिकायत आम है। पुराने तकिए की रुई या फाइबर को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर नया ट्रैवल पिलो या बैक सपोर्ट कुशन बनाया जा सकता है। इसे कार सीट पर रखकर कमर को सहारा दिया जा सकता है, जिससे सफर ज्यादा आरामदायक बनता है।
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अगर तकिए में प्राकृतिक कॉटन भरी हो, तो उसे गार्डनिंग में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। गमले के नीचे एक लेयर के रूप में रखने से पानी का बैलेंस बना रहता है। हालांकि, सिंथेटिक फिलिंग को मिट्टी में मिलाने से बचना चाहिए। प्राकृतिक फिलिंग को कंपोस्ट में भी मिलाया जा सकता है।
पुराने तकिए की फिलिंग से सॉफ्ट टॉय, छोटे कुशन या हैंडमेड डॉल तैयार की जा सकती हैं। बच्चों के साथ मिलकर यह एक मजेदार और क्रिएटिव एक्टिविटी हो सकती है। त्योहारों पर डेकोरेशन आइटम बनाने में भी इसका उपयोग किया जा सकता है।
फर्श पर बैठते समय या पूजा के दौरान घुटनों के नीचे छोटा तकिया रखने से आराम मिलता है। योग या मेडिटेशन के समय भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। खासकर बुजुर्गों के लिए यह बहुत यूजफुल साबित होता है, क्योंकि इससे घुटनों पर प्रेशर कम पड़ता है।
लंबे समय तक कुर्सी पर बैठने से कमर दर्द होने लगता है। ऐसे में पुराने तकिए को लोअर बैक के पीछे रखकर सपोर्ट दिया जा सकता है। इससे रीढ़ की हड्डी को सहारा मिलता है और बैठने की पोजीशन बेहतर रहती है।
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घर बदलते समय या नाजुक सामान स्टोर करते समय पुराने तकिए की फिलिंग बेहद काम आती है। कांच के बर्तन, शोपीस या इलेक्ट्रॉनिक सामान को सुरक्षित रखने के लिए यह कुशनिंग लेयर का काम करती है। इससे सामान टूटने का खतरा कम हो जाता है।
अगर तकिया अभी भी अच्छी हालत में है, तो उस पर ट्रेंडी या एम्ब्रॉयडरी वाला कवर चढ़ाकर उसे सोफा या बेड पर सजाया जा सकता है। पुराने तकिए को नया कवर देने से पूरा लिविंग रूम फ्रेश और अपडेटेड लुक देने लगता है।