छुआछूत हमारे देश और समाज के माथे पर कलंक है। हिंदू समाज के, धर्म के, राष्ट्र के करोड़ों हिंदू बंधु इससे अभिशप्त हैं। जब तक हम ऐसे हैं, तब तक हमारे शत्रु हमें परस्पर लड़वार विभाजन करने में सफल होते रहेंगे। इस घातक बुराई को हमें त्यागना होगा। भाग्य में नहीं अपनी क्षमता में विश्वास रखो- डॉ. भीमराव अंबेडकर