
ट्रैवल डेस्क। इन दिनों प्रयागराज में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। आप भी त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने जा रहे हैं तो आते वक्त रामलला के दर्शन करना ना भूले। वीकेंड के लिए अयोध्या बढ़िया जगह है। जिसे आप केवल दो दिन में एक्सप्लोर कर सकते हैं। खास बात है, अयोध्या घूमने में ज्यादा खर्चा भी नहीं आएगा। ऐसे में जानते हैं दो दिन में किन जगहों को पहले एक्सप्लोर करें।
अयोध्या, रेलवे, प्लाइट और बस या फिर निजी वाहन से आराम से पहुंचा सकता है। लखनऊ से अयोध्या मात्र 150 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके अलावा ये ट्रेन और बस के माध्यम से देश के हर प्रमुख शहर से जुड़ा हुआ है। पहले दिन की शुरुआत राम जन्मभूमि मंदिर से करें। इसके बाद भगवान हनुमान को समर्पित हनुमान गढ़ी मंदिर जाए। कहा जाता है, यदि अयोध्या आने पर जो शख्स हनुमान गढ़ी नहीं जाता उसकी यात्रा अधूरी रह जाती है।
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हनुमान गढ़ी घूमते-घूमते दोपहर हो जाएगी। इसके बाद आप किसी भी लोकल रेस्टोरेंट या फिर ढाबे पर अयोध्या का स्ट्रीट फूड जैसे कचौरी-सब्जी, जलेबी और लस्सी का मजा उठा सकते हैं। लंच के बाद निकल जाये कनक भवन मंदिर। ये मंदिर भगवान राम और सीता को समर्पित है। यहां पर अनोखी वास्तुकला आंखों से निहार सकते हैं। 5 बचे करीब चले जाये सरयू नदी के किनारे। यहां से सनसेट का मजा उठाते हुए आरती देखें। आखिर में स्ट्रीट फूड और लोकल मार्केट संग दिन का अंत करें।
अयोध्या ट्रिप की दूसरे दिन की शुरुआत आप गुप्तार घाट संग करें। यहां पर अर्ली मॉर्निंग या फिर किसी भी वक्त जा सकते हैं। स्थानीय मान्यता है ये वही जगह है जहां पर भगवान राम ने जल समाधि ली थी। अगर शांति में कुछ वक्त बिताना चाहते हैं तो यहां आ सकते हैं। इसके बाद छोटी छावनी मंदिर (मणिराम दास की छावनी) जाए। ये जगह अपने खास आध्यात्मिक महत्व और अनूठी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। ये घूमते-घूमने दोपहर हो जाएगी। लंच के बाद त्रेता के ठाकुर मंदिर जाए। यहां पर काले बलुआ पत्थर से भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियाँ उकेरी गई हैं। शाम को राम की पैड़ी जाएं। ये जगह अपनी खूबसूरती के लिए जानी जाती है। यहां पर बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं। आखिर में डिनर संग यात्रा खत्म करें।
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अयोध्या आ रहे हैं तो होटल मंदिर के आसपास वाले क्षेत्र में बुक करें। इससे वक्त के साथ पैसे की भी बचत होगी।
वहीं, ट्रांसपोर्ट के लिए कैब या फिर बुकिंग के लिए लोकल ऑटो रिक्शा चुनें।
खाने के लिए किसी फैंसी होटल की बजाय लोकल प्लेस चुनें। ये किफायती होने के साथ टेस्ट भी शानदार देंगे।
कई मंदिरों में ड्रेस कोड भी लागू है। इसलिए शालीन कपड़े पहनें,साथ ही धार्मिक स्थलों के नियमों का पालन करें।
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