बच्चा अगर जिद करे और आपकी बात न सुने, तो डांटने-मारने के बजाए करें ये काम

Published : Dec 29, 2024, 11:41 AM IST
Tips for parenting stubborn children

सार

बच्चों की ज़िद से परेशान हैं? जानिए बच्चों को बिना डाँटे-मारें कैसे समझाएँ और अच्छे संस्कार सिखाएँ। ज़िद के पीछे के कारणों को समझें, सकारात्मक विकल्प दें और धैर्य से बात करें।

90's के बच्चों की तुलना में आजकल के बच्चे ज्यादा जिद्दी और परेशान करने वाले होते जा रहे हैं। इसे लेकर कर आजकल चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट का मानना है कि पहले कि तुलना में अब बच्चों को लाड-प्यार, दुलार, संसाधन ज्यादा मिल रही है। बच्चे टीवी-मोबाइल में देखकर बहुत सी चीजें जल्दी-जल्दी सीख रहे हैं, जिससे वे ज्यादा जिद्दी भी हो रहे हैं। ऐसे में बहुत से मां-बाप अपने बच्चों को सुधारने के लिए डांटने-मारने का तरीका अपनाते हैं, जिसे लेकर चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट का कहना है, कि यह बहुत गलत है इससे बच्चे के ब्रेन में बहुत गलत असर पड़ता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि बच्चों को कैसे सुधारा जा सकता है, वो भी बिना डांटे-मारे और चिल्लाए।

1. बच्चे की बात सुनें और समझें:

  • जब बच्चा जिद करे, तो उसे अनदेखा करने या डांटने के बजाय उसकी बात ध्यान से सुनें।
  • जिद के पीछे अक्सर कोई भावना या कारण छिपा होता है। उसकी बात समझकर बात करें।
  • उदाहरण: अगर बच्चा किसी खिलौने के लिए जिद कर रहा है, तो समझें कि वह क्यों इतना उत्सुक है।

2. सकारात्मक विकल्प दें:

  • "ना" कहने के बजाय उसे दूसरा विकल्प दें।
  • उदाहरण: यदि बच्चा चॉकलेट खाना चाहता है, तो कहें, "चॉकलेट बाद में खा सकते हैं, अभी फ्रूट्स खाएं।"
  • इससे बच्चा खुद को अधिक सुना और सम्मानित महसूस करता है।

3. धैर्य और शांत स्वभाव अपनाएं:

  • बच्चे के जिद करने पर गुस्सा करने की बजाय शांत रहें।
  • आपका शांत व्यवहार बच्चे को यह सिखाएगा कि गुस्से से समस्याओं का समाधान नहीं होता।
  • धैर्य से बात करने पर बच्चा जल्दी समझ जाएगा।

4. प्रशंसा और इनाम दें:

  • बच्चे को अच्छे व्यवहार के लिए प्रेरित करने के लिए प्रशंसा करें।
  • उदाहरण: "तुमने बहुत अच्छा चित्र बनाया, मुझे अच्छा लगा"
  • कभी-कभी छोटे-छोटे इनाम या सराहना से बच्चा आपकी बात मानने लगेगा।

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5. बच्चे को जिम्मेदारी दें:

  • बच्चे को जिम्मेदारी का एहसास दिलाएं ताकि वह सही-गलत को समझ सके।
  • उदाहरण: उसे बताएं कि "अगर तुम ये काम करोगे, तो तुम्हारा खिलौना खराब हो सकता है।"
  • इससे बच्चा खुद सोचने और समझने लगेगा।

6. प्रैक्टिकल समाधान अपनाएं:

  • बच्चे की जिद को उसके स्तर पर समझें और तदनुसार समाधान निकालें।
  • उदाहरण: अगर बच्चा टीवी देखने की जिद कर रहा है, तो एक टाइम टेबल बनाएं और तय समय पर उसे टीवी देखने दें।
  • समय की पाबंदी से वह अनुशासन सीखेगा।

डांटने-मारने से आपका रिलेशन बच्चे के साथ खराब होगा, आपकी छवी खराब होगी, उन्हें ऐसा लगने लगेगा कि आप उनसे प्यार नहीं करते। इसिलए डांटने मारने के अलावा बच्चों को सुधारने के और भी उपाय है, जिससे आपका जिद्दी बच्चा भी सुधर जाएगा।

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