घरेलू हिंसा कानून (Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005)
घरेलू हिंसा कानून के तहत पत्नी पति के खिलाफ शिकायत कर सकती है। यह कानून महिला को सबसे मजबूत सुरक्षा देता है। इसके तहत सिर्फ मारपीट ही नहीं, बल्कि जबरदस्ती शारीरिक संबंध, मानसिक प्रताड़ना, गाली-गलौज और डराना भी शामिल है। इसके अलावा इकोनॉमिक कंट्रोल भी घरेलू हिंसा माने जाते हैं। इस कानून के तहत पत्नी कोर्ट से प्रोटेक्शन ऑर्डर, मेडिकल खर्च, मुआवजा और अलग रहने का अधिकार मांग सकती है।