Parenting Tips: खिलौनों से नहीं, इन आदतों से बनती है बच्चों की खुशहाल दुनिया

Published : Jan 15, 2026, 11:41 PM IST

Middle Class Parenting: मिडिल-क्लास पेरेंटिंग बच्चों को सिखाती है कि खुशी महंगी चीज़ों से नहीं, बल्कि समय, प्यार और अच्छी वैल्यूज से मिलती है। सीमित बजट में भी खुश और आत्मविश्वासी बच्चे पालने के 5 आसान तरीके जानें।

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बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताना

मिडिल-क्लास पेरेंटिंग में, बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताना सबसे कीमती चीज है। हर दिन उनके साथ बैठकर बात करना, कहानियां सुनना, या साथ खेलना बच्चों को सुरक्षित और खुश महसूस कराता है। महंगे खिलौनों से ज्यादा, उन्हें अपने माता-पिता के ध्यान, प्यार और साथ की जरूरत होती है, जो उनके आत्मविश्वास और इमोशनल डेवलपमेंट को मजबूत करता है।

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घर के खेलों को यादगार बनाएं

बच्चों को खुश रखने के लिए महंगे वीडियो गेम्स जरूरी नहीं हैं। लूडो, कैरम, लुका-छिपी, या कागज-पेंसिल जैसे आसान खेल बच्चों की क्रिएटिविटी को बढ़ाते हैं। ऐसे घर के खेल बच्चों को उनके परिवार से जोड़ते हैं और उन्हें सिखाते हैं कि खुशी साथ रहने और मजे से मिलती है, पैसे से नहीं।

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बच्चों को जिम्मेदारियां सिखाएं

पौधों को पानी देना, किताबें लगाना, या टेबल लगाना जैसी छोटी-छोटी जिम्मेदारियां बच्चों को आत्म-सम्मान सिखाती हैं। जब माता-पिता उनकी मदद की तारीफ करते हैं, तो बच्चों को महत्वपूर्ण महसूस होता है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें परिवार का एक कीमती हिस्सा होने का एहसास होता है।

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घर के बेकार सामान से बनाएं खिलाने

पुराने डिब्बे, बोतलें, अखबार और रंगों का इस्तेमाल करके बच्चे नए खिलौने बना सकते हैं। यह तरीका न सिर्फ पैसे बचाता है, बल्कि बच्चों की सोच और क्रिएटिव क्षमताओं को भी बढ़ाता है। मिडिल-क्लास पेरेंटिंग बच्चों को सिखाती है कि कम चीजों में ज्यादा खुशी कैसे ढूंढ़ें।

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घूमने के लिए बड़ी मॉल या पार्क जरूरी नहीं

बाहर घूमना हमेशा महंगे पार्क या मॉल तक ही सीमित नहीं होना चाहिए। पास के पार्क, रिश्तेदारों के घर, या मंदिर जाना भी बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव हो सकता है। कहानियों, मूल्यों और अच्छे व्यवहार के ज़रिए, बच्चे जीवन में खुशी का असली मतलब सीखते हैं, जो किसी भी खिलौने से कहीं ज्यादा कीमती है।

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