यहां मां के गर्भ से निकलते ही बच्चे की बढ़ जाती है एक साल उम्र, जानें इस 'रहस्मयी दुनिया' के बारे में

Published : Jul 15, 2022, 06:39 AM IST
यहां मां के गर्भ से निकलते ही बच्चे की बढ़ जाती है एक साल उम्र, जानें  इस 'रहस्मयी दुनिया' के बारे में

सार

क्या ऐसा मुमकिन है कि रात भर पंखा चलाकर सोने से इंसान की मौत हो जाए। क्या लाल स्याही का इस्तेमाल करने से जान जा सकती है। क्या बच्चा पैदा होते ही उसकी उम्र एक साल बढ़ सकती है। सुनकर यकीन नहीं होगा पर  दुनिया में एक ऐसा भी देश है जहां इन सारे सवालों का जवाब हां में मिलता है। 

लाइफस्टाइल न्यूज. यूं तो दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं जहां हैरान करने वाली परंपरा न हो। सदियों पुरानी ऐसी-ऐसी मान्यताएं होती हैं जिन्हें सुनकर ही आप दंग हो जाएंगे। हमारे देश में भी ऐसी कोई अनोखी परंपराएं और मान्यताएं हैं। जैसे अगर बिल्ली रास्ता काट दे तो अशुभ होता है या फिर सफर पर निकलने से पहले अगर कोई छींक दे तो आफत आ जाती है। भारत से लेकर अमेरिका तक और अफ्रीका से ऑस्ट्रेलिया तक ऐसी मान्यताओं की कमी नहीं। पर एशिया के ही एक देश दक्षिण कोरिया में तो ऐसे-ऐसे रहस्य हैं जिन्हें आज तक कोई नहीं सुलझा पाया।

नंबर 4 है मौत का पैगाम

दक्षिण कोरिया में उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग से भी ज्यादा अगर लोग किसी से डरते हैं तो वह है नंबर 4 का खौफ। वहां यह माना जाता है कि अगर आपने घर के दरवाजे पर नंबर 4 लिख दिया तो मौत का आना शर्तिया है। लोग इसे मौत का नंबर मानते हैं इसलिए कोई भी इस नंबर का इस्तेमाल नहीं करता। 

पैदा होते ही उम्र एक साल

दक्षिण कोरिया में जैसे ही कोई बच्चा पैदा होता है उसकी उम्र एक साल मान ली जाती है। यह सिर्फ मान्यता नहीं बल्कि कानून में लिखा है। यही वजह है कि वहां पैदा हुआ हर शख्स अपनी असली उम्र से एक साल बड़ा होता है।

मौत का रंग है लाल स्याही

आम तौर पर हम लिखने के लिए नीली या काली स्याही का इस्तेमाल करते हैं। साज सजावट के लिए हरे, पीले, जामुनी या गुलाबी रंग की लिखावट भी बुरी नहीं। इतना जरूर है कि लाल रंग की स्याही का इस्तेमाल हम दस्तावेजी काम-काज में नहीं करते पर परहेज इससे भी नहीं है। लेकिन दक्षिण कोरिया में लाल स्याही की सख्त मनाही है। वहां लाल रंग को मौत का रंग माना जाता है इसलिए कोई भी इसका प्रयोग नहीं करता।

ब्ल्ड ग्रुप खोल देगा आपकी पोल

कौन सच्चा है और कौन झूठा, यह जानने के लिए या तो सबूतों और गवाहों के जरिये पड़ताल की जाती है, या फिर लाई-डिटेक्टर और पॉलीग्राफी टेस्ट का सहारा लिया जाता है। पर आपका जानकर ताज्जुब होगा कि दक्षिण कोरिया में ब्लड ग्रुप से यह पता लगाया जाता है कि कोई अच्छा आदमी है और कौन धोखेबाज।
 

रात में पंखा चलाया तो यमराज हाजिर

दक्षिण कोरिया में सबसे मशहूर मान्यता सबसे ज्यादा हैरान करने वाली है। बताया जाता है कि अगर कोई वहां रात भर पंखा चलाकर सो गया तो फिर सुबह वह जिंदा नहीं रहता। पंखे की हवा उसकी जान ले लेती है। इस मान्यता के पीछे का सच क्या है यह आज तक कोई नहीं जान पाया पर वहां के लोग आज भी इन मान्यताओं पर आंख मूंद कर भरोसा करते हैं।

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