
Vastu Travel Guide: सफर चाहे काम का हो या घूमने-फिरने का, हम टिकट, होटल और बजट तो प्लान कर लेते हैं, लेकिन यात्रा की तारीख पर कम ही ध्यान देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार गलत दिन या अशुभ समय में शुरू की गई यात्रा में देरी, नुकसान, स्वास्थ्य परेशानी या अनचाही अड़चनें आ सकती हैं। इसलिए ट्रैवल से पहले कुछ वास्तु-आधारित शुभ डेट्स और नियम जानना आपके फायदेमंद माना जाता है। यहां हम इंट्रो के साथ 5 अहम सबहेड्स में पूरी गाइड बता रहे हैं।
वास्तु और पंचांग के अनुसार सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार यात्रा के लिए अच्छे माने जाते हैं। ये दिन मानसिक शांति, सुरक्षित सफर और कामयाबी से जुड़े होते हैं। खासतौर पर जॉब, इंटरव्यू या बिजनेस ट्रैवल के लिए ये दिन बेहतर रहते हैं।
अमावस्या, प्रतिपदा, अष्टमी और नवमी को लंबी यात्रा टालना शुभ माना जाता है। साथ ही राहुकाल के समय घर से निकलना भी अवॉइड करें। अगर निकलना जरूरी हो, तो राहुकाल खत्म होने के बाद ही यात्रा शुरु करें।
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वास्तु के मुताबिक पुष्य, अनुराधा, मृगशिरा और रोहिणी नक्षत्र यात्रा के लिए शुभ माने जाते हैं। वहीं भरणी और आर्द्रा में सफर करने से देरी या थकान बढ़ सकती है। चंद्रमा जब शुभ राशि में हो, तब यात्रा अधिक सहज रहती है।
सुबह के समय यात्रा शुरू करना सबसे उत्तम माना गया है। यदि सुबह संभव न हो, तो दोपहर से पहले निकलें। दिशा की बात करें तो उत्तर और पूर्व दिशा में यात्रा करना शुभ माना जाता है। दक्षिण दिशा में जाते समय थोड़ा सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
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घर से निकलते समय दही-चीनी खाएं या थोड़ा गुड़ साथ रखें। मुख्य दरवाजे से बाहर निकलते वक्त दायां पैर पहले रखें। यात्रा वाले दिन घर में झगड़ा या नकारात्मक बातचीत से बचें-यह मनोबल और यात्रा दोनों पर असर डालता है। इसके अलावा भगवान का चढ़ा हुआ फूल साथ लेकर चलें।