PMAY-G: गृहप्रवेश पर गरीब ने किया ऐसा सवाल कि मोदी ने मुस्कराकर पूछ लिया- चुनाव लड़ना है क्या

Published : Sep 12, 2020, 04:28 PM ISTUpdated : Sep 12, 2020, 04:38 PM IST
PMAY-G:  गृहप्रवेश पर गरीब ने किया ऐसा सवाल कि मोदी ने मुस्कराकर पूछ लिया- चुनाव लड़ना है क्या

सार

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मध्य प्रदेश के लाभार्थियों ने शनिवार को गृहप्रवेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए गरीबों को नये घर में गृहप्रवेश कराया। PMAY-G योजना 20 नवंबर, 2016 को शुरू की गई थी। इस दौरान मोदी ने कुछ परिवारों से बातचीत भी की।

भोपाल, मध्य प्रदेश. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मध्य प्रदेश के लाभार्थियों ने शनिवार को गृहप्रवेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए गरीबों को नये घर में गृहप्रवेश कराया। PMAY-G योजना 20 नवंबर, 2016 को शुरू की गई थी। इसके तहत 2020  तक सभी गरीबों को घर देने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 1.14 करोड़ घर बनाए जा चुके हैं। इस योजना के तहत उन्हें लाभ मिल रहा है, जो कच्चे घरों या झोपड़ियों में रहते थे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। इस योजना के तहत मध्य प्रदेश के 1.75 लाख लोगों को घर मिला है।

आप क्या चुनाव लड़ना चाहते हैं?
ग्वालियर के नरेंद्र नामदेव से जब मोदी ने बात की, तो वे तीन तलाक और धारा 370 को लेकर चर्चा करने लगे। उन्होंने इन दोनों के लिए मोदी की तारीफ की। इस पर मोदी ने मुस्कराते हुए पूछा कि चुनाव लड़ना चाहते हैं क्या? बता दें कि नरेंद्र नामदेव जिस कच्चे घर में रहते थे, उसमें उनकी बेटी को सांप ने डस लिया था। कुछ दिन पहले ही उनके बेटे की भी मौत हो गई। अब यह कपल सिलाई का काम करके जिंदगी गुजर-बसर करता है। नामदेव ने मोदी को घर आकर पोहा-जलेबी खाने का न्यौता दिया। मोदी ने कहा कि जरूर आएंगे।

मोदी से बात करके खुश दिखे आदिवासी गुलाब सिंह के पिता

मोदी ने धार जिले के सरदारपुर गांव आदिवासी गुलाब सिंह के पिता से जब राम-राम की, तो वो खुशी से उछल पड़े। इस गांव में हलमा नामक परंपरा है। इसके तहत लोग एक-दूसरे की मदद करते हैं। चूंकि लॉकडाउन के कारण सब गांव में थे, इसलिए गुलाब के घर के निर्माण के लिए रोज 20-22 लोग आते थे। उन्होंने बिना मजदूरी लिए गुलाब के घर का निर्माण कराया। बस शाम को सब मिलकर खाना खाते थे। खाने में भी सिर्फ खिचड़ी-दाल। गुलाब को इस योजना के तहत 1.20 लाख रुपए और 16 हजार रुपए की मजदूरी मिली थी। बाकी पैसा परिचितों ने लगाया। मोदी ने गांववालों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कम खर्च में इतना बढ़िया घर बनाकर गांववालों ने एक मिसाल पेश की है।

गृहप्रवेश पर पूड़ी-सब्जी बनाई
सिंगरौली जिले के प्यारेलाल यादव ने खुश होकर मोदी को बताया कि गृहप्रवेश पर उनके यहां दाल-चावल और पूडी-सब्जी बनी है। मिठाई बाहर से मंगवाई थी। प्यारेलाल ने बताया कि उनका घर कच्चा था। अकसर आंधी में छप्पर उड़ जाता था। इनका घर दिसंबर, 2019 में मंजूर हुआ था। यह कुछ दिन पहले ही बनकर तैयार हुआ।


मोदी ने कहा
-इस योजना में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। यानी कोई भी बिना पात्रता के अपना नाम जुड़वा नहीं सकता।
-इस योजना के तहत देशभर में करीब 23 हजार करोड़ रुपए के काम कराए जा चुके हैं। 

शिवराज सिंह ने कहा
-प्रधानमंत्री के  जन्मदिन पर पात्रता से वंचित 37 लाख गरीबों को इस योजना में पात्रता दी जाएगी।
-मकान के लिए 1.20 लाख रुपए, शौचालय के लिए 12 हजार रुपए और मनरेगा में काम दिया गया। 

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