
नई दिल्ली। लचित बरफुकन की 400वीं जयंती पर सालभर चला समारोह अब समाप्त होने को है। 25 नवंबर को समापन समारोह का आयोजन किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। वह सभा को संबोधित करेंगे।
दरअसल, भारत के इतिहास के उन नायकों को सम्मानित करने का प्रधानमंत्री का निरंतर प्रयास रहा है, जिनके योगदान को उचित मान्यता नहीं मिली है। नवंबर 2022 में पीएम 'मनगढ़ धाम की गौरव गाथा' नामक कार्यक्रम में शामिल हुए थे और भील स्वतंत्रता सेनानी गोविंद गुरु को श्रद्धांजलि दी थी। इसी महीने पीएम ने बेंगलुरु में श्री नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 108 फीट लंबी कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया था।
अल्लूरी सीताराम राजू की जयंती समारोह का किया था शुभारंभ
जुलाई 2022 में पीएम ने आंध्र प्रदेश के भीमावरम में महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की 125वीं जयंती समारोह का शुभारंभ किया था। जून 2022 में पीएम ने मुंबई के राजभवन में बने ब्रिटिश काल के अंडरग्राउंड बंकर में बनाई गई गैलरी 'क्रांति गाथा' का उद्घाटन किया था। गैलरी में वासुदेव बलवंत फड़के, चाफेकर बंधु, बाल गंगाधर तिलक, वीर सावरकर, बाबाराव सावरकर, क्रांतिगुरु लहूजी साल्वे, अनंत लक्ष्मण कान्हेरे, राजगुरु, मैडम भीकाजी कामा सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरों को रखा गया है।
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नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2021 में रांची में भगवान बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान सह स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन किया था। फरवरी 2021 में पीएम ने उत्तर प्रदेश के बहराइच में महाराजा सुहेलदेव स्मारक की आधारशिला रखी। वहीं, फरवरी 2019 में पीएम ने पानीपत की लड़ाइयों के नायकों को सम्मानित करने के लिए 'बैटल्स ऑफ पानीपत म्यूजियम', पानीपत की आधारशिला रखी थी।
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