
मुंबई. महाराष्ट्र में बीजेपी की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन नही करने पर अब तक 42 केस दर्ज कर लिया गया है। केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे की यात्रा पर अभी तक 42 केस आईपीसी और महामारी रोग अधिनियम की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। ये एफआईआर अलग-अलग थानों में दर्ज की गई हैं। बता दें कि केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे मुंबई में जन आशीर्वाद यात्रा निकालकर केन्द्र सरकार की नीतियों और योजनाओं की जानकारी जनता को दे रहे थे।
मेयर ने यात्रा को बताया छल
वहीं, मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा को छल बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा और कुछ नहीं बल्कि छल की यात्रा है। लोग देख रहे हैं कि वे क्या कर रहे हैं और सही समय में जनता अपना 'आशीर्वाद' देगी। अगर बीजेपी वाले वास्तव में काम करना चाहते हैं, तो उन्हें लोगों के लिए COVID-19 की वैक्सीन उपलब्ध कराने चाहिए।
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शिवाजी पार्क भी गए थे राणे
जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे, शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की समाधि पर गए थे और पुष्प अर्पित किए थे जिसके बाद शिवसैनिकों ने उस स्थान का दूध और गोमूत्र से शुद्धिकरण किया था।
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इस मामले में महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने ऐसा करने वाले शिवसैनिकों की सोच पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था- यह अजीब है कि शिवसेना उन लोगों के साथ सत्ता साझा कर रही है जिन्होंने बालासाहेब ठाकरे को कैद करने की कोशिश की और उन लोगों पर हमला कर रहे हैं जो उन्हें सम्मान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिसने भी शुद्धिकरण किया वह मूल शिव सेना को नहीं समझ पाया। शुद्धिकरण की बोली पार्टी की संकीर्णता का संकेत है।
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