
शिमला. हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई। हालांकि अन्य सभी तरह की घटनाओं में 22 और भी लोगों के मारे जाने की आशंका है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य के हमीरपुर जिले में अचानक आई बाढ़ में फंसे 22 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मौतों पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन प्रभावित जिलों में युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रहा है।
जगह-जगह लैंडस्लाइड और बाढ़
अधिकारियों के अनुसार, चंबा जिले में बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद मकान गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। चंबा जिला आपातकालीन अभियान केंद्र (डीईओसी) ने कहा कि चौवारी तहसील के बनेत गांव में तड़के करीब साढ़े चार बजे भूस्खलन हुआ, जिसके बाद एक घर ढह गया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि मंडी में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में एक लड़की की मौत हो गई और 13 अन्य के मारे जाने की आशंका है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार की रात मंडी-कटोला-प्रसार मार्ग पर बाघी नाले में एक लड़की का शव उसके घर से करीब आधा किलोमीटर दूर बरामद किया गया, जबकि उसके परिवार के पांच सदस्य बह गए। विभाग ने कहा कि बादल फटने के बाद कई परिवारों ने बागी से पुराने कटोला इलाकों के बीच स्थित अपने घरों को भी छोड़ दिया और सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। विभाग ने कहा कि इसके अलावा, गोहर विकास खंड के काशान गांव में भूस्खलन के बाद एक अन्य परिवार के आठ सदस्यों के भी उनके घर के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। हालांकि, शवों को अभी तक बरामद नहीं किया गया है। अचानक आई बाढ़ और कई बार भूस्खलन के बाद मंडी जिले की कई सड़कें भी अवरुद्ध हो गई हैं।
घरों में पानी घुसा, सड़कें बहीं
अधिकारियों ने बताया कि बल्ह, सदर, थुनाग, मंडी और लामाथाच में उनके घरों और दुकानों में पानी घुस जाने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और कई ग्रामीण अपने घरों में फंस गए। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण शनिवार को स्कूल बंद करने पड़े। उन्होंने कहा कि सड़क के किनारे खड़े कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और निवासी अपने घरों के अंदर फंसे रहे। अधिकारियों ने कहा कि कांगड़ा में एक 'कच्चा' घर गिरने से नौ साल के बच्चे की मौत हो गई।
25 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग ने 25 अगस्त तक राज्य में भारी बारिश की भविष्यवाणी के कारण भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशक सुदेश कुमार मोख्ता ने कहा कि कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, सोलन, हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ अगले तीन-चार दिनों के लिए अगले 24 घंटों के दौरान बारिश बढ़ने की संभावना है। मोख्ता ने जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (डीईओसी) को पर्याप्त सुरक्षा उपाय करने के लिए कहा क्योंकि इस अवधि के दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़, बादल फटना, रॉक-स्लाइड, नदियों में जल स्तर में अचानक वृद्धि, खराब दृश्यता और आवश्यक सेवाओं में व्यवधान हो सकता है।
इस बीच, कांगड़ा जिला प्रशासन ने एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें पर्यटकों और लोगों को नदियों और नालों के पास नहीं जाने के लिए कहा गया है, क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 28 अगस्त तक मध्यम से भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। उपायुक्त कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल ने कहा, "पर्यटकों और आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे नदियों, नालों और अन्य जल निकायों के पास न जाएं। इसी तरह भूस्खलन की चपेट में आने वाले क्षेत्रों से भी बचा जाना चाहिए।" जिंदल ने कहा कि शिक्षा विभाग के उप निदेशक को पहले ही स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया जा चुका है।
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