6 साल की बच्ची ने 5 बच्चों को दी नई जिंदगी, दिल, लिवर, किडनी सब किया दान; हमलावर ने सिर में मारी थी गोली

Published : May 18, 2022, 10:18 PM ISTUpdated : May 18, 2022, 10:20 PM IST
6 साल की बच्ची ने 5 बच्चों को दी नई जिंदगी, दिल, लिवर, किडनी सब किया दान; हमलावर ने सिर में मारी थी गोली

सार

दिल्ली की एक 6 साल की बच्ची ने पांच बच्चों को नई जिंदगी दी। उसने दिल, किडनी, लिवर समेत कई अंग दान (Organ Donation) दिए। अज्ञात हमलावर ने बच्ची के सिर में गोली मार दी थी, जिससे वह ब्रेन डेड हो गई थी। 

नई दिल्ली। दिल्ली की 6 साल की रोली प्रजापति ने पांच बच्चों को नई जिंदगी दी। नोएडा में अज्ञात हमलावर ने उसके सिर में गोली मार दी थी। डॉक्टर ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। वह नई दिल्ली एम्स की सबसे कम उम्र की अंग दाता बन गई है।
 
रोली को सिर में गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया था। वह कोमा में चली गई थी, जिसके उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली (AIIMS, New Delhi) में रेफर कर दिया गया। बच्ची को बचाने के असफल प्रयासों के बाद डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था।

ब्रेन डेड हालत में अस्पताल पहुंची रोली
एम्स के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ दीपक गुप्ता ने बताया कि साढ़े छह साल की बच्ची रोली 27 अप्रैल को अस्पताल पहुंची थी। उसे गोली लगी थी। गोली उसके दिमाग में फंसी हुई थी, जिससे दिमाग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। वह लगभग ब्रेन डेड हालत में अस्पताल पहुंची। इसलिए हमने परिवार के सदस्यों से बात की।

डॉ दीपक गुप्ता ने बताया कि डॉक्टरों की हमारी टीम ने बच्ची के माता-पिता के साथ बैठकर अंग दान के बारे में बात की। हमने माता-पिता को सलाह दी और उनकी सहमति मांगी कि क्या वे अन्य बच्चों के जीवन को बचाने के लिए अंग दान करने के इच्छुक हैं।

इन अंगों को दिया दान
एम्स के डॉक्टर ने अंगदान करने और पांच लोगों की जान बचाने के लिए रोली के माता-पिता की सराहना की। बच्ची ने लिवर, दोनों किडनी, दोनों कॉर्निया और हृदय वाल्व दान किए। डॉ दीपक गुप्ता ने कहा कि हम बच्ची के माता-पिता के आभारी हैं। अंग दान के बारे अधिक जानकारी नहीं रहने पर भी उन्होंने यह फैसला लिया। वे इस बात को समझते थे कि किसी जान बचानी कितनी जरूरी है। एम्स के न्यूरोसर्जन ने खुलासा किया कि हमने 1994 में यहां खुली दान सुविधा शुरू की थी। मेरी जानकारी के अनुसार पूरी दिल्ली और एनसीआर में हमारे पास इतना युवा अंग दाता नहीं था। डॉ गुप्ता जेपीएनएटीसी ट्रॉमा सेंटर में अंगदान गतिविधियों को भी देख रहे हैं। 

यह भी पढ़ें- शिवलिंग को फव्वारा बताने वाले मुस्लिम पक्ष को हिंदू पक्ष के वकील ने दी चुनौती, कहा- फव्वारा है तो चलाकर दिखाएं

वह दूसरे लोगों के जीवन में जीवित रहेगी
अपनी बेटी के अंगों को दान करने के बारे में बात करते हुए रोली के पिता हरनारायण प्रजापति ने कहा कि डॉ गुप्ता और उनकी टीम ने हमें अंग दान के लिए सलाह दी कि हमारी बच्ची अन्य लोगों की जान बचा सकती है। हमने इसके बारे में सोचा और तय किया कि वह दूसरे लोगों के जीवन में जीवित रहेगी और दूसरों को मुस्कुराने का कारण देगी। रोली की मां पूनम देवी ने कहा कि मेरी बेटी भले इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसने दूसरे बच्चों की जान बचाई है।

यह भी पढ़ें- निजी कारणों से दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिया इस्तीफा, 2016 में संभाला था पदभार
 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

असम में इतिहास रचा गया: नेशनल हाईवे पर उतरा PM मोदी का विमान, जानिए क्या है ELF और इसके लाभ?
Shocking Medical Study: क्लिनिकली डेड इंसान भी देख सुन सकते हैं? नए रिसर्च में चौंकाने वाला दावा