प्राचीन इंडिजेनस ज्ञान के अनावरण पर 8वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 28 जनवरी से शुरू, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत होंगे मुख्य वक्ता

Published : Jan 27, 2024, 09:06 PM IST
Mohan Bhagwat

सार

पांच दिनी इस कार्यक्रम में दुनियाभर के संस्कृतियों के लोग शिरकत करेंगे। डिब्रूगढ़ शिक्षा वैली स्कूल में 33 से अधिक देशों के 300 से अधिक प्रतिनिधि अपना आध्यात्मिक ज्ञान साझा करेंगे और अपने अनुभवों को बांटेंगे।

8th International Conference on Unveiling Ancient Indigenous Knowledge: प्राचीन स्वदेशी ज्ञान पर 8वां इंटरनेशनल समिट एवं एल्डर्स मीट का आयोजन डिब्रूगढ़ में आयोजित है। समिट 28 जनवरी से 1 फरवरी के बीच डिब्रूगढ़ के शिक्षा वैली स्कूल में आयोजित है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा होंगे। सम्मेलन को आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत भी संबोधित करेंगे।

क्या है पूरा कार्यक्रम?

पांच दिनी इस कार्यक्रम में दुनियाभर के संस्कृतियों के लोग शिरकत करेंगे। डिब्रूगढ़ शिक्षा वैली स्कूल में 33 से अधिक देशों के 300 से अधिक प्रतिनिधि अपना आध्यात्मिक ज्ञान साझा करेंगे और अपने अनुभवों को बांटेंगे। सम्मेलन में पारिस्थितिक ज्ञान, सहयोगात्मक शासन और परंपराओं के पुनरुद्धार के विषयों पर केंद्रित पेपर प्रस्तुतियां, पैनल चर्चा, कार्यशालाएं और कल्चरल नाइट्स होगी। पहले दिन यानी 28 जनवरी को डिब्रूगढ़ शहर में फूल बागान से थाना चाराली तक एक रैली होगी। इसके बाद जनवरी 29 जनवरी को एक उद्घाटन कार्यक्रम होगा। इसमें असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री होंगे और आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत मुख्य वक्ता। 

समापन समारोह पहली फरवरी को होगा। इंटरनेशनल हाउस ऑफ थॉट्स का उद्घाटन अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू करेंगे। अरुणाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री चौना मेन भी उपस्थित रहेंगे। जबकि एक दिन पहले 31 जनवरी को सीएम खांडू और उपमुख्यमंत्री मेन के साथ आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले डिब्रूगढ़ में मौजूद रहेंगे।

यह भी पढ़ें:

बिहार का 'सियासी बवंडर' रविवार को थमेगा? नीतीश कुमार देंगे इस्तीफा, 9वीं बार ले सकते सीएम पद की शपथ !

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

मकर संक्रांति: कहीं गर्दन की हड्डी रेती तो कहीं काटी नस, चाइनीज मांझे की बेरहमी से कांप उठेगा कलेजा
Ariha Shah Case: साढ़े 4 साल से Germany में फंसी मासूम, मौसी ने बताया क्या है पूरा मामला