
श्रीनगर. धारा 370 हटाए जाने के करीब 2 साल बाद जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली की कोशिशें जारी हैं। इस बीच पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP)की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने J&K का विशेष राज्य का दर्जा बहाल नहीं होने तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है।
दिल की दूरियां मिटाने पर जोर
महबूबा ने राज्य के लोगों के साथ दिलों की दूरियां मिटाने पर जोर दिया। महबूबा ने कहा कि वे केंद्र शासित प्रदेश के तहत कोई चुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्होंने अपनी राय से पार्टी को अवगत करा दिया है। महबूबा ने कहा कि उन्होंने पिछले साल जिला विकास परिषद का चुनाव भी नहीं लड़ा था। महबूबा ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व को कश्मीरियों के दर्द को समझना होगा। उन्होंने कहा कि आजकल जम्मू-कश्मीर में दमन का युग चल रहा है।
पाकिस्तान से बातचीत की पहल करके विवादों में घिरी थीं
इससे पहल महबूबा जम्मू-कश्मीर मामले में पाकिस्तान से बातचीत की पहल करके विवादों में घिर गई थीं। उन्होंने कहा कि जब तालिबान से बातचीत हो सकती है, तो पाकिस्तान से क्यों नहीं? उन्होंने कहा था कि राज्य में अगर शांति चाहिए, तो पाकिस्तान से बातचीत होनी ही चाहिए। महबूबा के इस बयान को लेकर जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन हुआ था।
प्रधानमंत्री ने बुलाई थी बैठक
24 जून को जम्मू-कश्मीर की 14 पार्टियों के लीडर के साथ पीएम मोदी ने मीटिंग की थी। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत गुपकार अलायंस के बड़े नेता भी पहुंचे थे। बैठक में पीएम मोदी ने कहा-राजनीतिक मतभेद होंगे लेकिन सभी को राष्ट्रहित में काम करना चाहिए ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों को फायदा हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर में सभी के लिए सुरक्षा और सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित करने की जरूरत है।
यह भी पढ़ें
अमित शाह ने कहा- हम कश्मीर के लिए प्रतिबद्ध, संसद में किए गए वादे को पूरा करने के लिए ये बैठक मील का पत्थर
PM MODI ने कहा- जम्मू-कश्मीर में चुनी हुई सरकार विकास को देगी ताकत, मतभेद भूलकर राष्ट्र के लिए करें काम
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.