
नई दिल्ली. ब्रिटेन के बाद अब अमेरिका भी कोरोना की फाइजर बायोएनटेक वैक्सीन को मंजूरी दे सकता है। अमेरिकी सरकार के एक पैनल ने फाइजर वैक्सीन के इमरजेंसी स्वीकृति की सिफारिश की है। पैनल ने कहा कि वैक्सीन का संभावित लाभ इसके जोखिमों को कम करता है।
गुरुवार को आठ घंटे की जनसुनवाई के बाद खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) के टीके और संबंधित जैविक उत्पाद सलाहकार समिति (वीआरबीपीएसी) ने फाइजर बायोएनटेक वैक्सीन की सिफारिश करने के लिए वोट दिए। समिति के सदस्य पॉल ऑफिट ने कहा, टीके के संभावित लाभ इसके जोखिमों को कम करते हैं।
90 साल की महिला को दी गई पहली वैक्सीन
कोरोना महामारी में वैक्सीन लगाने की शुरुआत हो चुकी है। ब्रिटेन की 90 साल की महिला मार्गरेट कीनन फाइजर कोविड -19 वैक्सीन लेने वाली दुनिया की पहली महिला बन गई हैं। उन्होंने इंग्लैंड के कोवेंट्री में स्थानीय अस्पताल में सुबह 6.31 बजे वैक्सीन दी गई। मार्गरेट कीनन ज्वैलरी शॉप की पूर्व सहायक रही हैं। उन्हें यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल कोवेंट्री में वैक्सीन लगाई गई।
फाइजर वैक्सीन से 2 लोगों की तबीयत खराब
ब्रिटेन में फाइजर की कोरोना वायरस वैक्सीन लगने से दो लोगों की तबीयत खराब हो गई है, जिसके बाद आनन-फानन में नेशनल हेल्थ सर्विस को चेतावनी जारी करनी पड़ी है। ऐसे लोग जिन्हें किसी दवा, खाना या वैक्सीन से एलर्जी है वह फाइजर की कोरोना वैक्सीन का टीका न लगवाएं।
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