बेंगलुरु में चरस मिले चॉकलेट की बिक्री का खुलासा हुआ है। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है और दस रुपये से लेकर सौ रुपये तक में बिकने वाले इस चॉकलेट का यूपी-झारखंड कनेक्शन भी सामने आया है।

Charas Chocolate sold in Bengaluru: शराब वाली आइसक्रीम के बाद अब बेंगलुरू पुलिस ने चरस मिला चॉकलेट बेचने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। गैंग के छह सदस्यों को पुलिस ने अरेस्ट किया है। चॉकलेट में चरस लपेटकर उसे आयुर्वेदिक दवा केरूप में बेंगलुरू के विभिन्न क्षेत्रों में बेचा जा रहा था। दस रुपये से 100 रुपये में में एक चरस चॉकलेट बेजा जा रहा था। युवाओं में चरस चॉकलेट को पान-सिगरेट की दूकानों पर आसानी से उपलब्ध हो जा रहा है। पुलिस ने चरस चॉकलेट बेचने वाले गैंग का यूपी और झारखंड कनेक्शन का भी खुलासा किया है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

10 से 100 रुपये में उपलब्ध है चरस चॉकलेट

बेंगलुरू की लाल पान और बीड़ी की दूकानों पर दस से 100 रुपये में आसानी से उपलब्ध है। यहां युवा चरस चॉकलेट के नाम पर इसे मांग कर यूज कर रहे हैं। यूपी और झारखंड के पेडलर्स इसकी सप्लाई कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि चरस चॉकलेट की सप्लाई ट्रेन और प्राइवेट कुरियर के माध्यम से की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस चरस चॉकलेट को महाकाल-मुनक्का वटी के नाम से बेचा जा रहा था। यह भांग के गोला को बेचने वाला आयुर्वेदिक ब्रांड है।

पुलिस ने छह लोगों को किया अरेस्ट, दस लाख का चॉकलेट रिकवर

बेंगलुरू पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को अरेस्ट किया है। पुलिस ने यूपी और झारखंड के दो पेडलर्स को अरेस्ट किया है। इन पेडलर्स ने राजाजीनगर के अभय गोस्वामी, आनंद कुमार सिंह, कनकपुरा रोड के बी.सोमू सिंह, एचबीआर लेआउट से सूरज सिंह को चरस चॉकलेट सप्लाई किया। पुलिस ने बताया कि सभी अरेस्ट युवकों में आनंद जोकि झारखंड का है, को छोड़कर सभी यूपी के हैं।

बेंगलुरू के एसएपी सीके बाबा ने बताया कि पुलिस को एक टिप मिली थी। इस सूचना के आधार पर जिगनी पुलिस इंस्पेक्टर बीएस मंजूनाथ ने गैंग का पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा कि इस गैंग और उसके नेटवर्क के साथ साथ कहां-कहां इनका नेटवर्क संचालित था, इसका पता लगाने के लिए एक टीम को बनाया गया है। स्पेशल टीम, उन कॉलेज-स्कूलों का भी पता लगाएगी जहां के युवाओं को नशे में धकेलने की कोशिश की गई है।

यह भी पढ़ें:

ई-ट्रक क्रांति: क्या बदलेगी भारत की सड़कें? PM ई-ड्राइव स्कीम में 500 करोड़ एलॉट