
Al Falah University: असोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी (AIU) ने डॉक्टर आतंकी मॉड्यूल मामले में जांच के घेरे में आई फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता रद्द कर दी है। एआईयू ने कहा है कि ये संस्थान अब अपने नियमों के मुताबिक "अच्छी स्थिति" में नहीं है। एआईयू ने एक बयान जारी कर कहा कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम आतंकी साजिश में सामने आया है, जिसके बाद इसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जा रही है।
भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी को किसी भी गतिविधि में अपने नाम या लोगो का इस्तेमाल बंद करने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा अल-फलाह विश्वविद्यालय को अपनी ऑफिशियल वेबसाइट से एआईयू का लोगो तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। बता दें कि ये एक्शन ऐसे समय लिया गया है, जब अल-फलाह विश्वविद्यालय दिल्ली विस्फोट मामले में जांच के दायरे में है।
यहां पढ़ें AIU द्वारा जारी नोटिस…
अल फलाह विश्वविद्यालय के निदेशक, जवाद अहमद सिद्दीकी भी दिल्ली में हुए घातक कार विस्फोट के बाद जांच के घेरे में आ गए हैं। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और जौबाकॉर्प के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि जवाद अहमद सिद्दीकी एजुकेशन, सॉफ्टवेयर, एग्री बिजनेस और रिसर्च एक्टिविटीज से संबंधित कम से कम 15 कंपनियों से जुड़े हैं।
गुरुवार को, अल-फलाह यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट को भी बंद कर दिया गया। दरअसल, संस्थान को मान्यता संबंधी झूठे दावे करने के लिए NAAC ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी की जांच का जिम्मी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपा गया है, जो इसकी फंडिंग के साथ ही डॉक्टरों के वित्तीय लेन-देन की भी जांच करेगा।
बता दें कि हरियाणा में फरीदाबाद के पास धौज गांव में अल-फलाह यूनिवर्सिटी करीब 70 एकड़ एरिया में फैली हुई है। यह एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी है, जो अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा ऑपरेट हो रही है। इसकी वाइस चांसलर डॉ. भूपिंदर कौर आनंद हैं, जो खुद एमबीबीएस डॉक्टर हैं। अल-फलाह यूनिवर्सिटी के रजिस्टार प्रो. मोहम्मद परवेज हैं।
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