
नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान के बीच 3 महीनों से बैक चैनल से चल रही कोशिश रंग लाई। दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हो गई है। 24 फरवरी 2021 को दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस ने हॉट लाइन पर चर्चा की और सीजफायर उल्लंघन, सीमा पर शांति जैसे मुद्दों पर सहमति बनाई। ऐसे में समझना जरूरी हो जाता है कि आखिर बैन चैनल के जरिए क्या और किसने कोशिश की, जो बातचीत शुरू हो पाई।
3 महीने से चल रही थी बात
भारत और पाकिस्तान पिछले तीन महीनों से बैक-चैनल वार्ता कर रहे हैं, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और पाकिस्तान के सिविल मिलिट्री लीडरशिप के बीच बातचीत हो रही थी।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के सैन्य सलाहकार मोईद यूसुफ। डोभाल ने इनसे और पाकिस्तान आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा से लगातार बातचीत की।
डोभाल और यूसुफ ने तीसरे देश में की थी मुलाकात
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब डोभाल ने अपने समकक्ष और प्रधानमंत्री इमरान खान के विशेष सहायक मोईद यूसुफ से किसी तीसरे देख में मुलाकात की। तब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ भी बातचीत का रास्ता खुला था।
3 महीने की बातचीत की बात कोई नहीं मान रहा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोभाल, मोईद और बाजवा के बीच 3 महीने तक बातचीत चली। 11 फरवरी को यूसुफ ने कहा था, यदि आप शांति चाहते हैं, तो हमें आगे बढ़ना होगा। अगर हम आगे बढ़ना चाहते हैं, तो हर किसी को तर्कसंगत होना चाहिए। हालांकि गुरुवार को यूसुफ ने डोभाल के साथ किसी भी बैठक से इनकार कर दिया।
भारत सामान्य रिश्चे चाहता है: विदेश मंत्रालय प्रवक्ता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, भारत पाकिस्तान के साथ सामान्य और पड़ोसी जैसे संबंधों की इच्छा रखता है। हमने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि हम शांतिपूर्ण द्विपक्षीय तरीके से मुद्दों को सुलझाए। प्रमुख मुद्दों पर हमारी स्थिति अपरिवर्तित है। मुझे इसे दोहराने की जरूरत नहीं है।
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