
नई दिल्ली। पीएमओ (PMO) में पीएम के नए एडवाइजर (Advisor to Prime Minister) की नियुक्ति पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। रिटायर्ड आईएएस अमित खरे (Amit Khare) को प्रधानमंत्री का एडवाइजर नियुक्त किया गया है। खरे झारखंड कैडर (Jharkhand Cadre) के 1985 बैच के आईएएस हैं।
अप्वाइंटमेंट कमेटी ऑफ दी कैबिनेट एंड एस्टेबलिस्मेंट आफिसर व सचिव दीप्ति उमाशंकर (Deepti Umashankar) ने कैबिनेट के अप्रूवल का आदेश जारी करते हुए बताया है कि उनकी रैंक केंद्रीय सचिव स्तर की होगी। यह नियुक्ति दो साल के लिए की गई है।
कौन हैं अमित खरे?
झारखंड कैडर के 1985 बैच के आईएएस अमित खरे केंद्रीय सचिव रह चुके हैं। वह एमआईबी और शिक्षा मंत्रालय में सचिव रहते हुए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। बीते 30 सितंबर को वह उच्च शिक्षा सचिव के पद से रिटायर हुए हैं।
चारा घोटाले को उजागर करने में रहा योगदान
अमित खरे जब संयुक्त बिहार में नियुक्त थे तो उन्होंने चारा घोटाले को उजागर किया था। 1993-94 में उन्होंने पश्चिम सिंहभूम जिले के तत्कालीन उपायुक्त रहते हुए चाईबासा कोषागार से 34 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी को उजागर किया था। कई राजनेतओं की संलिप्तता उजागर होने के बाद उन्होंने एफआईआर का आदेश दिया था। इस केस में कई बड़े नेताओं को सजा भी हुई। खरे झारखंड के राज्यपाल के प्रिंसिपल सेकेट्री और पटना के डीएम और कलेक्टर भी रह चुके हैं। वह झारखंड के पहले वाणिज्यकर आयुक्त थे।
पत्नी भी हैं आईएएस
अमित खरे की पत्नी निधि खरे केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में अपर सचिव के पद पर तैनात हैं।
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