
नई दिल्ली. भारत के कई इलाकों में गुरुवार को आकाशीय बिजली मौत बनकर टूटी। आकाशीय बिजली गिरने से उत्तरी और पूर्वी भारत में 107 लोगों की जान चली गई। इनमें से 83 लोगों की मौत बिहार 24 लोगों की मौत उत्तर प्रदेश में हुई। वहीं, करीब 30 लोग जख्मी भी हुए हैं।
अफसरों के मुताबिक, भारत में जून से सितंबर तक आकाशीय बिजली गिरना सामान्य है। लेकिन बिहार के डिजास्टर मैनेजमेंट मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने कहा, पिछले सालों की तुलना में आकाशीय बिजली से एक दिन में मरने वालों की यह सबसे अधिक संख्या है।
बढ़ सकती है मरने वालों की संख्या
राय ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, कुल मौतों में आधी से ज्यादा गोपाल गंज, मधुवनी, नवादा समेत उत्तरी और पूर्वी बिहार जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में हुई। उन्होंने कहा, सभी जगहों से सही जानकारी मिलने के बाद मौत का आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
शुक्रवार और शनिवार को तेज बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार में शुक्रवार और शनिवार को भी तेज बारिश का अनुमान है। वहीं, पड़ोसी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मौतें देवरिया और प्रयागराज में हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के लिए शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, राज्य और केंद्र सरकार तुरंत राहत कार्यों के लिए जुटी है।
2018 में हुई थी 2300 लोगों की मौत
एनसीबी के मुताबिक, 2018 में बिजली गिरने से 2300 लोगों की मौत हुई थी। साउथ एशिया में यह मानसून काफी अहम भूमिका निभाता है, लेकिन प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, बिजली गिरने जैसी घटनाओं से कई लोगों की जान भी चली जाती है।
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