
बेंगलुरु के वायलिकावल में हुई एकल महिला महालक्ष्मी की भयानक हत्या के मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ आया है। मृत आरोपी मुक्ति रंजन के सुसाइड नोट में हत्या का जिक्र किया गया है। महालक्ष्मी ने ही मेरी हत्या करके सूटकेस में भरकर फेंकने की कोशिश की थी। इसलिए मैंने उसे मार डाला, यह बात आरोपी ने अपने सुसाइड नोट में लिखी है। आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट लिखने वाले आरोपी मुक्ति रंजन ने इस बात का उल्लेख किया है। पुलिस ने जब सुसाइड नोट की जांच की तो यह राज खुला।
घटना की पृष्ठभूमि: मारी गई झारखंड की रहने वाली महालक्ष्मी के माता-पिता कई सालों से नेलमंगला में रह रहे थे। पांच साल पहले त्रिपुरा के रहने वाले हिमांशु दास से महालक्ष्मी की शादी हुई थी, दंपति को चार साल की एक बच्ची है। हिमांशु दास नेलमंगला में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता है। पारिवारिक कलह के चलते पिछले आठ महीने पहले पति को छोड़ दिया था। बच्ची पिता हिमांशु दास के साथ थी, यह बात पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आई थी।
मारी गई महालक्ष्मी शहर के एक मॉल में सेल्स गर्ल का काम करती थी। किराये के मकान में अकेली रहती थी। मुक्ति रंजन ने महिला के शव के टुकड़े करके फ्रिज में भर दिए गए थे। एकल महिला की इस वीभत्स हत्या की घटना से राजधानी के लोग सहम गए थे। मुक्ति रंजन ने लिखा था- ‘मैं उससे प्यार करता था। लेकिन उसने मुझे अपहरण के मामले में फंसाने की धमकी दी थी’, ऐसा बेंगलुरु में अपनी प्रेमिका महालक्ष्मी की हत्या कर 59 टुकड़े करने वाले आरोपी मुक्ति रंजन रॉय ने इससे पहले अपने घरवालों से कहा था।'
हत्या के बाद अपने घर जाकर अपनी मां से अपने दुख बांटने वाले राय ने कहा, ‘मैं उससे प्यार करता था। मैंने उस पर बहुत पैसा खर्च किया था। लेकिन उसका व्यवहार ठीक नहीं था। साथ ही उसने मुझे अपहरण के केस में फंसाने की धमकी दी थी। इसलिए मैंने उसकी हत्या कर दी’, ऐसा ओडिशा के पुलिस सूत्रों ने बताया।
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