
नेशनल न्यूज। कांग्रेस और भाजपा के बीच लगातार गतिरोध चलता रहता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश के नॉन बायोलॉजिकल पीएम मोदी वाले ट्वीट के विरोध में ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन के सीईओ अखिलेश मिश्रा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता तीसरे चुनाव में असफल राहुल गांधी को संविधान के बारे में झूठ बताने से अच्छा है वह स्कूली शिक्षा शुरू कर दें अपने परिवार के इतिहास के बारे में भी जानकारी दें।
अखिलेश बोले- बाबा साहेब का संविधान धर्मनिरपेक्ष था
अखिलेश मिश्र ने ट्वीट कर कहा कि बाबा साहेब अम्बेडकर का संविधान सदैव धर्मनिरपेक्ष था। नेहरू-गांधी परिवार ने इसका स्वरूप बदल दिया। इसे जिस तरह लागू किया गया उसने वास्तविकता को भयानक सांप्रदायिक अनुभव में बदल दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वह अम्बेडकर थे जिन्होंने शाहबानो मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया था? क्या वह डॉ. अम्बेडकर थे जिन्होंने आपातकाल के दौरान संविधान को नष्ट कर दिया था? यह डॉ. अम्बेडकर का संविधान था जिसमें निदेशक सिद्धांतों के रूप में अनुच्छेद 44 है और जिसे नेहरू परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी नष्ट करता गया।
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समान अधिकार संहिता पर ये कहा था बाबा साहेब ने
अखिलेश ने कहा कि जब समान नागरिक संहिता के प्रावधान पर बहस छिड़ी थी तो डॉ. अम्बेडकर ने कहा था, “मेरे मित्र हुसैन इमाम ने संशोधनों का समर्थन करते हुए पूछा कि क्या इतने विशाल देश के लिए एक समान कानून संहिता बनाना संभव है।
अब मुझे यह स्वीकार करना होगा कि मुझे उस बयान पर बहुत आश्चर्य हुआ। इसका सीधा कारण यह था कि हमारे देश में मानवीय संबंधों के हर पहलू को कवर करने वाली समान कानून संहिता है। हमारे पास पूरे देश में एक समान और पूर्ण आपराधिक संहिता है, जो दंड संहिता और आपराधिक प्रक्रिया संहिता में निहित है। हमारे पास संपत्ति हस्तांतरण का भी कानून है जो पूरे देश में लागू है। मैं असंख्य अधिनियमों की नजीर दे सकता हूं जो स्पष्ट करते हैं कि देश में व्यावहारिक रूप से एक नागरिक संहिता है जो पूरे देश में लागू है।
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