
नेशनल डेस्क। मणिपुर हिंसा बीते साल की सबसे बड़ी घटना था जिससे सरकार अब तक नहीं उबर पाई है। सीबीआई ने फिलहाल मणिपुर हिंसा में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। सीबीआई ने रिपोर्ट में महिला हिंसा का खुलासा किया है। चार्जशीट में बताया गया है कि महिलाओं की परेड कराई गई थी। उनके साथ मारपीट के साथ ही रेप भी किया गया था। यही नहीं पुलिस ने महिलाओं को भीड़ के बीच धकेल दिया था। ऐसे में सीबीआई की रिपोर्ट में हिंसा फैलाने में पुलिस भी दोषी पाई गई है।
4 मई 2023 को हुई थी घटना
सीबीआई के आरोप में कहा गया है कि चार मई 2023 को हुई इस घटना में मणिपुर पुलिस ही करीब हजार लोगों की भीड़ में दो महिलाओं को ले गई थी। पुलिस ने महिलाओं को भीड़ के हवाले कर दिया था जहां उनको पहले निर्वस्त्र कर इलाके में घुमाया गया। इसके बाद उनके साथ गैंगरेप किया गया। इस घटना ने देश भर में आग लगा दी थी। मणिपुर में मेईतेई और कुकी समाज के बीच जातीय हिंसा भड़कने के एक दिन बाद यह घटना हुई थी। इसका वीडियो जुलाई में वायरल होने पर संसद से सड़क तक हंगामा मचा था।
परिवार के परिवार की एक और महिला पर हमला किया था
सीबीआई की ओर से अक्टूबर में दायर चार्जशीट में यह भी कहा है कि आक्रोशित भीड़ ने उसी परिवार की एक महिला के साथ ऐसे करने का प्रयास किया था। भीड़ ने परिवार की 20 वर्षीय युवती के साथ भी ऐसा करने की कोशिश की गई थी। लेकिन परिवार की महिला ने अपनी पोती को पकड़ा हुआ था और किसी तरह उसे बचा लिया था। बाद में वह भीड़ के चंगुल से भागने में सफल रही थी।
महिलाओं ने मांगी थी पुलिस से मदद
सीबीआई की चार्जशीट में कहा गया है कि महिलाओं ने पुलिस से मदद मांगी थी, लेकिन उन्होंने भीड़ के हवाले कर अपना पल्ला झाड़ लिया था। इन महिलाओं में एक कारगिल युद्ध के शहीद की पत्नी थी। पुलिस ने मदद के बजाय उसे भीड़ के पास ले जाकर छोड़ दिया था। मामले में 16 अक्टूबर को गुवाहाटी में विशेष सीबीआई न्यायाधीश के सामने 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट और एक बच्चे के खिलाफ भी कानून का उल्लंघन करने को लेकर रिपोर्ट दी गई थी।
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