
Chandigarh Mayor election Ballot tampering: चंडीगढ़ मेयर चुनाव में धांधली के मामले की सुनवाई मंगलवार को भी सुप्रीम कोर्ट में किया गया। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की तीन सदस्यीय बेंच ने टेंपर्ड बैलेट को तलब किया था। एक दिन पहले बेंच ने चुनाव अधिकारी अनिल मसीह से जिरह की थी। आज की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने बैलेट को देखने की मांग की तो ज्यूडिशियल अफसर ने बैलेट पेपर्स बेंच को दिया। बैलेट पेपर्स देखने के बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि इनवैलिड किए गए 8 बैलेट पेपर्स को वैलिड करके उसे भी गिना जाए। सुप्रीम कोर्ट ने नया चुनाव कराने की बजाय रिकाउंटिंग कर रिजल्ट घोषित किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के रिकाउंटिंग के आदेश से आप और कांग्रेस गठबंधन को बड़ी सफलता मिली है जबकि यह आदेश बीजेपी के लिए झटका है। दरअसल, इनवैलिड किए गए सभी 8 वोट इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी के पक्ष में होने से हारे हुए प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित हो गई।
कोर्ट में गिनती और परिणाम घोषित
कोर्ट में ही चंडीगढ़ मेयर चुनाव के मतों की गिनती दुबारा हुई। इस गिनती में 8 अवैध करार दिए गए वोटों की गिनती भी हुई। सभी वोट आप-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी कुलदीप कुमार को मिले थे। इस तरह कुलदीप कुमार 20 वोट पाकर विजेता घोषित किए गए। सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप कुमार को चंडीगढ़ का नया मेयर घोषित किया।
बढ़ी चुनाव अधिकारी अनिल मसीह की मुश्किलें…
सुप्रीम कोर्ट ने रिटर्निंग अधिकारी अनिल मसीह के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला चलाने का निर्देश देने के साथ कारण बताओ नोटिस भी थमाया। अनिल मसीह को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करना है। जवाब वह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल करेंगे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने काउंटिंग का वीडियो भी देखा जिसमें चुनाव अधिकारी बैलेट को खराब कर रहे हैं। वीडियो देखने के बाद अनिल मसीह से भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने पूछताछ की। इसके पहले सीजेआई ने पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह के कृत्य को लोकतंत्र का माखौल करार दिया। पढ़िए पूरी खबर…
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