चांद से आई खुशखबरी, साउथपोल पर चंद्रयान-3 लैंडर हुआ एक्टिव, और जानकारियां मिलने की उम्मीदें बंधीं

Published : Jan 19, 2024, 10:00 PM IST
chandrayan vikram lander

सार

अंतरिक्ष में भारत वासियों के खुशखबरी आई है। इसरो के मुताबक चंद्रयान-3 विक्रम लैंडर ने चांद पर साउथ पोल के पास काम करना शुरू कर दिया है। ऐसे में चांद से कुछ और जानकारियां भी आ सकती हैं। 

नेशनल डेस्क। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन की ओर से खुशखबरी सामने आई है। इसरो के मुताबिक चंद्रयान 3 लैंडर ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास के स्थान पर काम करना शुरू कर दिया है। इसरो के मुताबिक चंद्रयान-3 लैंडर पर लगे लेजर रेट्रोरिफ्लेक्टर एरे (एलआरए) साउथ पोल पर काम कर रहा है। ऐसे में जल्दी चंद्रमा से जुड़ी और भी कई जानकारियां सामने आ सकती हैं।

इसरो ने जानकारी दी है कि अमेरिकन स्पेस एजेंसी नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर ने 12 दिसंबर 2023 को परावर्तित संकतों का पता लगाने के साथ ही इसका लेजर रेंज माप हासिल किया था। इसरो ने यह भी बताया है कि ऑर्बिटर चंद्रयान 3 के पूर्व में बढ़ने के दौरान चंद्रमा की रात के समय यह पता चल सका।

पढ़ें इसरो को मिली बड़ी कामयाबी, पृथ्वी की कक्षा में वापस लाया चंद्रयान-3 का प्रोपल्शन मॉड्यूल

चांद की सतह पर लंबे समय तक चल सकता है लैंडर
नासा के एलआरए को चंद्रयान-3 विक्रम लैंडर पर एडजस्ट किया गया था। यह तमाम उपयुक्त उपकरणों के साथ परिक्रमा करने वाले अंतरिक्ष यान के जरिए सभी दिशाओं से लेजर की सुविधा प्रदान करता है। चंद्रमा की सतह पर दशकों तक चलने के लिए लगभग 20 ग्राम का ऑप्टिकल यंत्र बनाया गया है।

साउथ पोल के पास ही उतरा था चंद्रयान 3
चंद्रयान-3 विक्रम लैंडर 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर साउथ पोल के पास ही उतरा था तभी से उसका संपर्क बना हुआ है। चंद्रयान 3 पर एलआरए एक छोटा एडीशन है। फिलहाल साउथ पोल पर एक मात्र एलआरए है।

इसरो ने कहा है कि चंद्रयान 3 के विक्रम लैंडर पर नासा का एलआर लॉगटर्म जियोडेटिक स्टेशन और चांद की सतह पर एक स्पॉट मार्कर के रूम में काम करता रहेगा। इससे आगे चलकर मिशन चंद्रयान को लाभ मिलेगा।

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